राजनाथ सिंह बोले — भारत की बात अब पूरी दुनिया सुनती है; जापान से समुद्री सुरक्षा पर बड़ा करार
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ संवाद करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा निरंतर मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, 'आज भारत जब कोई बात कहता है तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है कि भारत क्या कह रहा है।' इसी दौरे पर उन्होंने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ द्विपक्षीय बैठक में समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक जहाज निर्माण और वायु सेना सहयोग पर अहम सहमति बनाई।
भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा
राजनाथ सिंह ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी देश की प्रतिष्ठा बढ़ने से उसके नागरिकों में भी गौरव की भावना गहरी होती है। उन्होंने भारत की विशिष्ट वैश्विक पहचान को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा पूरी दुनिया को अपना परिवार माना है — यही सोच भारत को दूसरे देशों से अलग बनाती है।
आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि करीब 12 साल पहले भारत दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में 10वें-11वें स्थान पर था, जबकि आज वह पाँचवें स्थान पर आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में संकट न आया होता तो भारत की आर्थिक प्रगति की गति और तेज होती। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया।
भारत-जापान रक्षा बैठक: मुख्य बिंदु
राजनाथ सिंह और शिंजिरो कोइजुमी के बीच हुई बैठक में अगस्त 2026 में हुई पिछली मुलाकात के बाद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में आई प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों मंत्रियों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशने पर सहमति जताई। बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता बेहद महत्वपूर्ण है।
समुद्री सुरक्षा और नौसेना सहयोग
बैठक में समुद्री सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। इसमें समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने की संयुक्त क्षमता बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमता का संयुक्त लाभ उठाकर नौसैनिक जहाजों के निर्माण और डिजाइन में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। भारतीय नौसेना के उप प्रमुख की जापान यात्रा को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
वायु सेना अभ्यास और रक्षा उद्योग मंच
दोनों देशों ने हाल ही में संपन्न हुए भारत-जापान वायु सेना अभ्यास 'वीर गार्जियन 26' की सराहना की, जिसके दौरान पहली बार जापान के लड़ाकू विमान भारत आए। जापान की वायु आत्मरक्षा सेना के प्रमुख की भारत यात्रा भी इसी अभ्यास के साथ हुई थी। इसके अलावा, टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित भारत-जापान रक्षा उद्योग मंच में दोनों देशों की करीब 40 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जो रक्षा औद्योगिक सहयोग की नई बुनियाद तैयार कर रहा है।
टोक्यो में होगी '2 प्लस 2' वार्ता
राजनाथ सिंह और कोइजुमी ने इस वर्ष के अंत में टोक्यो में भारत-जापान विदेश एवं रक्षा मंत्रियों की चौथी '2 प्लस 2' वार्ता आयोजित करने की दिशा में चर्चा तेज करने पर सहमति जताई। यह व्यवस्था रणनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा मामलों पर व्यापक संवाद का अवसर देती है। गौरतलब है कि यह वार्ता ऐसे समय में होगी जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और भारत व जापान दोनों अपनी रक्षा साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के इच्छुक हैं।