बारामूला में म्यूल बैंक अकाउंट से अवैध धन ट्रांसफर: दो आरोपियों पर BNS और IT Act के तहत FIR
सारांश
मुख्य बातें
बारामूला पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को साइबर अपराध के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक अकाउंट के ज़रिए अवैध धन ट्रांसफर करने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ साइबर पुलिस स्टेशन, बारामूला में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों की पहचान और आरोप
आरोपियों की पहचान मोहसिन अशरफ गनी, निवासी गुलशनाबाद, बारामूला और साहिल इरशाद, निवासी खानपोरा, बारामूला (वर्तमान में चकलू में निवासरत) के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पर आरोप है कि वे अवैध रूप से प्राप्त धन को प्राप्त करने, अपने पास रखने और एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए म्यूल बैंक अकाउंट का उपयोग कर रहे थे।
यह एफआईआर BNS की धारा 318(4) और धारा 61(2) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) के तहत दर्ज की गई है। जाँच में सामने आई सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई कि जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को सुगम बनाने के लिए म्यूल अकाउंट का दुरुपयोग किया जा रहा था।
म्यूल बैंक अकाउंट क्या होता है
म्यूल बैंक अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे साइबर ठग, मनी लॉन्ड्रर्स या डिजिटल धोखेबाज़ साइबर फ्रॉड, फिशिंग स्कैम और ऑनलाइन ठगी से प्राप्त अवैध धन को एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित करने या छिपाने के लिए उपयोग करते हैं। इन खातों की विशेषता यह होती है कि ये धन के स्रोत और गंतव्य को छुपाने में सहायक होते हैं, जिससे जाँच एजेंसियों के लिए इनका पता लगाना अत्यंत कठिन हो जाता है।
गौरतलब है कि इस प्रकार के खाते प्रायः किसी सीधे-साधे व्यक्ति के नाम पर कमीशन का लालच देकर खुलवाए जाते हैं, जिससे वह व्यक्ति अनजाने में या जानबूझकर साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा बन जाता है।
जाँच का दायरा और पुलिस की प्रतिक्रिया
बारामूला पुलिस के अनुसार, फिलहाल जाँच जारी है और इसका उद्देश्य वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला का पता लगाना, आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका स्थापित करना और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की पहचान करना है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में साइबर अपराध के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियाँ वित्तीय अपराध नेटवर्क पर सख्ती से नज़र रख रही हैं।
पुलिस ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
आम जनता के लिए सलाह
बारामूला पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे अपना बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल या खाते से संबंधित कोई भी जानकारी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें — चाहे इसके बदले में कितना भी कमीशन या लाभ का प्रलोभन दिया जाए। ऐसा करने पर खाताधारक खुद कानूनी कार्रवाई का सामना कर सकते हैं और उन्हें साइबर अपराध में सहयोगी माना जा सकता है।
जाँच के नतीजे और इस मामले में संभावित अन्य गिरफ्तारियाँ आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।