16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गौतमबुद्धनगर: म्यूल बैंक खाता देने वाला 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार, ₹2.15 लाख का संदिग्ध लेन-देन उजागर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गौतमबुद्धनगर: म्यूल बैंक खाता देने वाला 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार, ₹2.15 लाख का संदिग्ध लेन-देन उजागर

सारांश

गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन निवेश ठगी नेटवर्क को म्यूल खाते देने वाले 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। खाते में ₹2.15 लाख का संदिग्ध लेन-देन, और एनसीआरपी पर उत्तर प्रदेश व आंध्र प्रदेश से दो शिकायतें — बहु-राज्यीय नेटवर्क की जाँच जारी।

मुख्य बातें

रय्यान अंसारी (22 वर्ष), निवासी जगतपुरी, कृष्णा नगर, ईस्ट दिल्ली , को 15 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया।
आरोपी ने साइबर अपराधियों को बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड उपलब्ध कराए; टेलीग्राम और व्हाट्सएप के ज़रिये संपर्क।
आरोपी के खाते में करीब ₹2,15,743 का संदिग्ध लेन-देन; बदले में आरोपी को ₹50,000 मिले।
एनसीआरपी पर संबंधित खातों के विरुद्ध दो शिकायतें — एक उत्तर प्रदेश से, एक आंध्र प्रदेश से।
आरोपी पर बीएनएस धारा 318(4), 319(2) और आईटी अधिनियम धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज।

गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रय्यान अंसारी (पुत्र सिंकदर अंसारी), निवासी जगतपुरी, कृष्णा नगर, ईस्ट दिल्ली, उम्र करीब 22 वर्ष, के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी साइबर अपराधियों को पैसे लेकर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराता था, ताकि ठगी की रकम उसमें ट्रांसफर की जा सके।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुँच बनाई। थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसके कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किया जाने वाला एक मोबाइल फोन भी बरामद किया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह टेलीग्राम और व्हाट्सएप के ज़रिये साइबर अपराधियों के संपर्क में आया था। इसके बाद उसने उन्हें अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड उपलब्ध कराया, जिनका उपयोग ऑनलाइन निवेश के नाम पर की गई ठगी की रकम के लेन-देन में किया गया।

संदिग्ध वित्तीय लेन-देन

जाँच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते में करीब ₹2,15,743 का संदिग्ध लेन-देन हुआ। खाता उपलब्ध कराने के बदले आरोपी को ₹50,000 का भुगतान किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब म्यूल अकाउंट नेटवर्क देशभर में साइबर ठगों के लिए वित्तीय पाइपलाइन बनते जा रहे हैं।

एनसीआरपी पर दो राज्यों से शिकायतें

पुलिस की जाँच में यह भी उजागर हुआ कि संबंधित बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दो शिकायतें दर्ज हैं — एक उत्तर प्रदेश से और दूसरी आंध्र प्रदेश से। गौरतलब है कि म्यूल खातों से जुड़े मामले अक्सर बहु-राज्यीय नेटवर्क की ओर संकेत करते हैं, जिनकी जड़ें एक से अधिक राज्यों में फैली होती हैं।

आरोपी पर लगाई गई धाराएँ

आरोपी रय्यान अंसारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में पंजीकृत है।

आगे की जाँच

पुलिस अब संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी खंगालने और नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच का दायरा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि एनसीआरपी पर दर्ज शिकायतें एक व्यापक साइबर ठगी नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अक्सर आर्थिक लालच में, अनजाने में या जानबूझकर आपराधिक नेटवर्क के लिए 'मनी म्यूल' बन जाते हैं। असली चिंता यह है कि टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफ़ॉर्म साइबर अपराधियों की भर्ती का अड्डा बन चुके हैं, और पुलिस की पहुँच उनके मूल संचालकों तक अभी भी सीमित है। एनसीआरपी पर दो राज्यों से शिकायतें यह संकेत देती हैं कि यह स्थानीय नहीं, बल्कि संगठित बहु-राज्यीय नेटवर्क है। जब तक ऐसे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुँच नहीं बनती, केवल खाताधारकों की गिरफ्तारी से अपराध की जड़ नहीं कटेगी।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

म्यूल बैंक खाता क्या होता है और इसका साइबर ठगी से क्या संबंध है?
म्यूल बैंक खाता वह खाता होता है जिसे कोई व्यक्ति साइबर अपराधियों को पैसे के बदले उपलब्ध कराता है, ताकि ठगी की रकम उसमें ट्रांसफर की जा सके और असली अपराधियों की पहचान छुपी रहे। इस मामले में रय्यान अंसारी ने ₹50,000 लेकर अपना खाता साइबर ठगों को दिया था।
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद 15 अक्टूबर 2026 को साइबर क्राइम थाना, गौतमबुद्धनगर की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया।
इस मामले में आरोपी पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी रय्यान अंसारी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में पंजीकृत है।
एनसीआरपी पर इस खाते से जुड़ी कितनी शिकायतें दर्ज हैं?
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर संबंधित बैंक खातों के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज हैं — एक उत्तर प्रदेश से और एक आंध्र प्रदेश से। यह बहु-राज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क की ओर संकेत करता है।
आगे की जाँच में क्या होगा?
पुलिस अब संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी और नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच का दायरा बढ़ सकता है और साइबर ठगी से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले