क्या आईएनएस कदमत फिजी नौसेना के साथ गतिविधियों में शामिल हुआ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आईएनएस कदमत फिजी नौसेना के साथ गतिविधियों में शामिल हुआ?

सारांश

भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस कदमत फिजी में पहुंच चुका है। यह तीन महीने की विदेशी तैनाती का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत और फिजी के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। इस यात्रा के दौरान, आईएनएस कदमत स्थानीय समुदायों के साथ जुड़कर सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी करेगा।

मुख्य बातें

आईएनएस कदमत भारतीय नौसेना का एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कार्वेट है।
यह फिजी की बंदरगाह यात्रा का हिस्सा है।
इस यात्रा का उद्देश्य भारत और फिजी के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
आईएनएस कदमत स्थानीय सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेगा।
यह भारत सरकार की महासागर विजन का प्रतीक है।

नई दिल्ली, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस) भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस कदमत फिजी में पहुंच चुका है। मंगलवार को, इस जहाज ने फिजी की राजधानी में कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को अंजाम दिया। भारतीय नौसेना ने बताया कि आईएनएस कदमत अगले तीन महीनों के लिए विदेशी तैनाती पर रहेगा। यह पोत भारतीय नौसेना का एक एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कार्वेट है, और फिजी में इसकी यह यात्रा तीन महीने की तैनाती का हिस्सा है।

भारतीय नौसेना के अनुसार, इस बंदरगाह यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और फिजी के बीच के गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संबंधों को और मजबूती प्रदान करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिजी की राजधानी सुवा में भारतीय नौसैनिक पोत के आगमन से दोनों देशों के बीच मित्रता एवं सहयोग और भी बढ़ेगा।

आईएनएस कदमत स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कार्वेट है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत की इस प्रतिबद्धता को भी दोहराना है कि वह अपने मित्र देशों के साथ समुद्री सहयोग और द्विपक्षीय रिश्तों को और सुदृढ़ करेगा। अपने प्रवास के दौरान, आईएनएस कदमत पर फिजी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत किया जाएगा, ताकि आपसी पेशेवर संवाद के माध्यम से साझा हितों के नए आयाम खोजे जा सकें।

जहाज का दल इस दौरान स्थानीय लोगों से जुड़ने के लिए सामुदायिक कार्यक्रमों, खेलकूद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सक्रिय रूप से भाग लेगा। इन गतिविधियों से भारत और फिजी के बीच मित्रता और सद्भावना के रिश्ते और भी गहरे होंगे। यह यात्रा भारत सरकार की महासागर विजन का भी प्रतीक है। यह सद्भावना यात्रा भारत की महासागर विजन को रेखांकित करती है और यह दर्शाती है कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में एक विश्वसनीय और पसंदीदा सुरक्षा साझेदार के रूप में उभरी है।

गौरतलब है कि जहां एक ओर आईएनएस कदमत फिजी पहुंचा है, वहीं दूसरी ओर भारतीय नौसेना का नवीनतम डाइविंग सपोर्ट वेसल आईएनएस निस्तार अपनी पहली विदेशी यात्रा के तहत सिंगापुर के चांगी नेवल बेस पर पहुंच चुका है। आईएनएस निस्तार साउथ चाइना सी में होने वाले सैन्य अभ्यास में भाग ले रहा है। यह समुद्री जहाज भी स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित है।

सिंगापुर के चांगी नेवल बेस पर मौजूद यह भारतीय नौसैनिक पोत बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘पैसिफिक रीच 2025 (एक्सपीआर-25)’ में हिस्सा ले रहा है। यह सैन्य अभ्यास सोमवार 15 सितंबर को आरंभ हुआ था। पैसिफिक रीच 2025 का आयोजन सिंगापुर द्वारा किया जा रहा है, जिसमें 40 से अधिक देश सीधे प्रतिभागी या पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे। यह अभ्यास दो चरणों में होगा, जिनमें से एक हार्बर फेज है और दूसरा सी फेज है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाता है कि भारत अपने मित्र देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह यात्रा भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत और क्षेत्र में इसकी भूमिका को भी उजागर करती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस कदमत का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आईएनएस कदमत का मुख्य उद्देश्य भारत और फिजी के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।
आईएनएस कदमत की तैनाती कितने समय के लिए है?
आईएनएस कदमत तीन महीने के लिए विदेशी तैनाती पर रहेगा।
राष्ट्र प्रेस