क्या नीतीश कुमार ने सार्वजनिक मंच पर महिला का अपमान किया? मृत्युंजय तिवारी का बयान
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का महिलाओं के प्रति रवैया विवादास्पद है।
- राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इस घटना की निंदा की।
- यह घटना समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान के मुद्दे को उजागर करती है।
पटना, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक महिला का हिजाब हटाने के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं का अपमान करना सीएम की आदत बन गई है, और यह उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है।
राजद प्रवक्ता ने पटना में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह एक गंभीर और निंदनीय घटना है। जिस प्रकार से नीतीश कुमार ने एक मुस्लिम महिला का हिजाब हटाने का प्रयास किया, वह न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह उनकी मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाता है। एक ओर, वे महिलाओं का सम्मान करने की बात करते हैं, और दूसरी ओर, वे एक महिला को अपमानित करते हैं।
इसके अलावा, रामलीला मैदान में पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर सोमवार को संसद में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हमें नहीं पता कि किसने नारे लगाए। इस पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "अगर भाजपा किसी को रैली में ऐसे नारे लगाने के लिए भेजती है और फिर उस पर हंगामा करती है, तो यह स्वीकार्य नहीं है। ऐसे नारों का कोई मतलब नहीं है।"
मनरेगा का नाम बदलने पर राजद प्रवक्ता ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार महात्मा गांधी का नाम हटाकर गोडसे के रास्ते पर चलने का संकेत दे रही है। यह गांधी के विचारों की हत्या कर रही है।
कांग्रेस की कथित वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में आयोजित रैली में अन्य राजनीतिक दलों की दूरी पर उन्होंने कहा कि हम साथ चुनाव लड़ते हैं, जबकि पार्टियां अपने अलग कार्यक्रम रखती हैं।
राजद प्रवक्ता ने नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक संजय सरावगी को बिहार भाजपा का प्रमुख बनाए जाने पर कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है, लेकिन दोनों को मेरी ओर से शुभकामनाएं और बधाई।