20 अगस्त 2026
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भारत-नाइजीरिया नौसैनिक वार्ता: नई दिल्ली में तीसरी बैठक, समुद्री सुरक्षा और प्रशिक्षण सहयोग पर सहमति

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भारत-नाइजीरिया नौसैनिक वार्ता: नई दिल्ली में तीसरी बैठक, समुद्री सुरक्षा और प्रशिक्षण सहयोग पर सहमति

सारांश

नई दिल्ली में भारत-नाइजीरिया नौसेना उप-समूह की तीसरी बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और परिचालन सहयोग को विस्तार देने की प्रतिबद्धता जताई। यह वार्ता भारत की अफ्रीका-केंद्रित समुद्री रणनीति को नई मजबूती देती है।

मुख्य बातें

भारत-नाइजीरिया नौसेना उप-समूह की तीसरी बैठक 18 से 20 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित हुई।
बैठक की सह-अध्यक्षता रियर एडमिरल सचिन आर.
सेकेरा (भारत) और रियर एडमिरल एंथनी विक्टर कुजो (नाइजीरिया) ने की।
समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और परिचालन सहयोग तीन प्रमुख एजेंडा बिंदु रहे।
दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री वातावरण के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
यह वार्ता भारत की अफ्रीकी देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

भारतीय नौसेना और नाइजीरियाई नौसेना के बीच 18 से 20 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली में भारत-नाइजीरिया नौसेना उप-समूह की तीसरी द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और परिचालन सहयोग को विस्तार देने पर केंद्रित चर्चा हुई। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने रक्षा और समुद्री संबंधों को व्यापक रणनीतिक दृष्टि से मजबूत कर रहा है।

बैठक का स्वरूप और नेतृत्व

इस महत्वपूर्ण नौसैनिक वार्ता की सह-अध्यक्षता भारतीय नौसेना के सहायक नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल सचिन आर. सेकेरा और नाइजीरिया के सशस्त्र बल कमान एवं स्टाफ कॉलेज के उप कमांडेंट रियर एडमिरल एंथनी विक्टर कुजो ने की। तीन दिवसीय इस बैठक में दोनों देशों के नौसैनिक प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय सहयोग की अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्य एजेंडा: समुद्री सुरक्षा और प्रशिक्षण

बैठक में समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और परिचालन सहयोग को प्राथमिक क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर बल दिया कि नियमित संवाद और संयुक्त अभ्यास से दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर तालमेल और आपसी समझ को और गहरा किया जा सकता है। हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित एवं स्थिर समुद्री वातावरण सुनिश्चित करना इस वार्ता का केंद्रीय उद्देश्य रहा।

साझा प्रतिबद्धता और रणनीतिक संदर्भ

दोनों देशों ने एक सुरक्षित, संरक्षित और समावेशी समुद्री क्षेत्र के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। गौरतलब है कि भारत और नाइजीरिया के बीच नौसेना स्तर पर संस्थागत तंत्र पहले से विकसित है, और यह तीसरी बैठक उसी ढाँचे को आगे बढ़ाने का प्रयास है। यह सहयोग दोनों नौसेनाओं के बीच संस्थागत संबंधों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ साझा समुद्री हितों की रक्षा में भी सहायक होगा।

भारत की अफ्रीका-केंद्रित समुद्री रणनीति

यह वार्ता भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अफ्रीकी देशों के साथ रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को लगातार विस्तार दे रहा है। नाइजीरिया पश्चिम अफ्रीका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और गिनी की खाड़ी में उसकी रणनीतिक उपस्थिति भारत के लिए महत्वपूर्ण है, जो हिंद महासागर से परे अपनी नौसैनिक पहुँच बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इस बैठक के परिणामस्वरूप प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और परिचालन सहयोग के क्षेत्रों में दोनों नौसेनाओं के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इसके ठोस परिणामों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती। गिनी की खाड़ी में बढ़ती समुद्री डकैती और पश्चिम अफ्रीका में चीन की बढ़ती नौसैनिक उपस्थिति के संदर्भ में यह वार्ता महज औपचारिकता नहीं है। असली परीक्षा यह है कि प्रशिक्षण और परिचालन सहयोग के ये वादे कितनी जल्दी साझा गश्त और क्षमता-निर्माण में तब्दील होते हैं। भारत की 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत अफ्रीकी नौसेनाओं के साथ ऐसे संस्थागत तंत्र बनाना दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश है, जिसके परिणाम तत्काल नहीं, बल्कि क्रमिक दिखते हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-नाइजीरिया नौसेना उप-समूह की तीसरी बैठक कब और कहाँ हुई?
यह बैठक 18 से 20 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित की गई। यह भारत-नाइजीरिया नौसेना उप-समूह की तीसरी द्विपक्षीय वार्ता थी।
इस नौसैनिक वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में मुख्य रूप से समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और परिचालन सहयोग पर चर्चा हुई। हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री वातावरण सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की अध्यक्षता किसने की?
बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय नौसेना के सहायक नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल सचिन आर. सेकेरा और नाइजीरिया के सशस्त्र बल कमान एवं स्टाफ कॉलेज के उप कमांडेंट रियर एडमिरल एंथनी विक्टर कुजो ने की।
भारत और नाइजीरिया के बीच नौसैनिक सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
नाइजीरिया पश्चिम अफ्रीका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और गिनी की खाड़ी में उसकी रणनीतिक उपस्थिति महत्वपूर्ण है। भारत अफ्रीकी देशों के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग को अपनी व्यापक 'सागर' नीति के तहत मजबूत कर रहा है।
इस बैठक का क्या परिणाम रहा?
बैठक के परिणामस्वरूप प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और परिचालन सहयोग के क्षेत्रों में भारत-नाइजीरिया नौसैनिक संबंधों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। दोनों देशों ने एक सुरक्षित और समावेशी समुद्री क्षेत्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्र प्रेस
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