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आईबीएसएएमएआर-9 संपन्न: भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं का 10 दिवसीय संयुक्त अभ्यास

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आईबीएसएएमएआर-9 संपन्न: भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं का 10 दिवसीय संयुक्त अभ्यास

सारांश

भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं का 10 दिवसीय त्रिपक्षीय अभ्यास 'आईबीएसएएमएआर-9' साइमन टाउन में संपन्न हुआ। तीन महाद्वीपों के ये देश समुद्री सुरक्षा में साझा हित रखते हैं और यह अभ्यास कूटनीतिक संबंधों को ठोस नौसैनिक सहयोग में बदलने का मंच बना।

मुख्य बातें

आईबीएसएएमएआर-9 संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 21 अक्टूबर 2026 को साइमन टाउन, दक्षिण अफ्रीका में संपन्न हुआ।
अभ्यास 10 दिनों तक चला और इसमें भारत , ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं ने भाग लिया।
बंदरगाह और समुद्र में संयुक्त प्रशिक्षण, पेशेवर विचार-विमर्श और परिचालन गतिविधियाँ संपन्न हुईं।
आईएनएस तरकश के कमान अधिकारी ने अभ्यास को कूटनीतिक संबंधों को नौसैनिक सहयोग में बदलने का अनूठा मंच बताया।
अभ्यास का उद्देश्य समुद्री अभियानों में त्रिपक्षीय तालमेल बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को सुदृढ़ करना था।

भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं का संयुक्त समुद्री अभ्यास 'आईबीएसएएमएआर-9' 21 अक्टूबर 2026 को दक्षिण अफ्रीका के साइमन टाउन में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 10 दिनों तक चले इस अभ्यास में तीनों देशों की नौसेनाओं ने बंदरगाह और खुले समुद्र में विविध गतिविधियों के माध्यम से एक-दूसरे की परिचालन प्रणाली को गहराई से समझा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री अभियानों में त्रिपक्षीय तालमेल को मज़बूत करना, परिचालन सहयोग बढ़ाना और आपसी विश्वास को नई ऊँचाई देना था।

अभ्यास की मुख्य गतिविधियाँ

अभ्यास के दौरान तीनों देशों के नौसैनिकों ने पेशेवर विचार-विमर्श, संयुक्त परिचालन प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों को एक-दूसरे की क्षमताओं, कार्यप्रणालियों और समुद्री रणनीतियों को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर दिया। साझा प्रशिक्षण सत्रों ने चालक दल के बीच मज़बूत पेशेवर संबंध स्थापित करने में भी सहायता की।

भारतीय नौसेना की भूमिका और प्रतिक्रिया

भारतीय युद्धपोत आईएनएस तरकश के कमान अधिकारी ने कहा कि आईबीएसएएमएआर जैसे अभ्यास लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक संबंधों को ठोस नौसैनिक सहयोग में रूपांतरित करने का अद्वितीय मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि ऐसे अभ्यासों की वास्तविक शक्ति केवल संयुक्त समुद्री गतिविधियों तक सीमित नहीं रहती — बल्कि साझा अनुभवों, पेशेवर संवाद और परस्पर सीख के दौरान बनने वाले मानवीय संबंध उतने ही मूल्यवान होते हैं।

तीन महाद्वीपों की साझा समुद्री प्रतिबद्धता

यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की चुनौतियाँ लगातार जटिल होती जा रही हैं। भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका — तीन अलग-अलग महाद्वीपों के ये देश — समुद्री मार्गों से आपस में जुड़े हैं और समुद्र को सुरक्षित, संरक्षित एवं स्थिर बनाए रखने में साझा हित रखते हैं। गौरतलब है कि यह अभ्यास श्रृंखला वर्षों से तीनों देशों के बीच नौसैनिक अंतर-संचालनीयता को संस्थागत रूप देने का काम करती रही है।

समुद्री व्यवस्था को मज़बूत करने का संदेश

आईबीएसएएमएआर-9 ने यह भी स्पष्ट किया कि समुद्र में प्रभावी तालमेल केवल संयुक्त गतिविधियों में भागीदारी से नहीं, बल्कि निरंतर संवाद, साझा प्रशिक्षण और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली की गहरी समझ से विकसित होता है। अभ्यास के दौरान बने पेशेवर संबंध भविष्य में त्रिपक्षीय समुद्री सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की नींव रखेंगे। यह सफल समापन अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित समुद्री व्यवस्था को बनाए रखने की तीनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

आगे की राह

इस अभ्यास से प्राप्त अनुभव और पेशेवर संपर्क आगामी बहुपक्षीय नौसैनिक सहयोग की संभावनाओं को विस्तार देंगे। तीनों नौसेनाओं के बीच बढ़ता परिचालन समन्वय न केवल द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय स्तर पर, बल्कि व्यापक समुद्री सुरक्षा ढाँचे के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भारत की 'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) नीति का व्यावहारिक विस्तार है। असली प्रश्न यह है कि क्या ये अभ्यास वास्तविक अंतर-संचालनीयता में तब्दील होते हैं, या फिर कूटनीतिक प्रतीकवाद तक सीमित रह जाते हैं — इसका उत्तर भविष्य के संकटों में साझा प्रतिक्रिया की गति तय करेगी।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईबीएसएएमएआर-9 अभ्यास क्या है?
आईबीएसएएमएआर-9 भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं का त्रिपक्षीय संयुक्त समुद्री अभ्यास है, जो अक्टूबर 2026 में दक्षिण अफ्रीका के साइमन टाउन में आयोजित हुआ। यह अभ्यास श्रृंखला तीनों देशों के बीच नौसैनिक अंतर-संचालनीयता और समुद्री सुरक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए शुरू की गई थी।
इस अभ्यास में कौन-कौन सी गतिविधियाँ हुईं?
10 दिनों के इस अभ्यास में बंदरगाह और खुले समुद्र दोनों में संयुक्त प्रशिक्षण हुआ। इसमें पेशेवर विचार-विमर्श, परिचालन संबंधी गतिविधियाँ और साझा प्रशिक्षण सत्र शामिल थे, जिससे तीनों नौसेनाएँ एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और क्षमताओं को करीब से समझ सकीं।
भारतीय नौसेना ने इस अभ्यास में कौन-सा जहाज़ भेजा?
भारतीय नौसेना ने इस अभ्यास में युद्धपोत आईएनएस तरकश को भेजा। इसके कमान अधिकारी ने अभ्यास के समापन पर कहा कि आईबीएसएएमएआर जैसे आयोजन कूटनीतिक संबंधों को ठोस नौसैनिक सहयोग में बदलने का अनूठा मंच प्रदान करते हैं।
इस अभ्यास का महत्व क्या है?
यह अभ्यास तीन अलग-अलग महाद्वीपों के देशों को समुद्री सुरक्षा की साझा चुनौतियों पर मिलकर काम करने का अवसर देता है। यह अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित समुद्री व्यवस्था को मज़बूत करने और त्रिपक्षीय नौसैनिक समन्वय को संस्थागत रूप देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
आईबीएसएएमएआर-9 कहाँ संपन्न हुआ?
आईबीएसएएमएआर-9 का समापन दक्षिण अफ्रीका के साइमन टाउन में हुआ। साइमन टाउन दक्षिण अफ्रीकी नौसेना का प्रमुख नौसैनिक अड्डा है, जो केप टाउन के निकट स्थित है।
राष्ट्र प्रेस
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