भारत केन्या पहली नौसेना स्टाफ वार्ता मोम्बासा में संपन्न, समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
भारत और केन्या ने पहली बार औपचारिक नौसेना स्टाफ वार्ता आयोजित की, जो 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक केन्या के तटीय शहर मोम्बासा में संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और पेशेवर आदान प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक बनाने पर विचार विमर्श किया। भारतीय नौसेना ने 9 अक्टूबर 2026 को इस वार्ता की जानकारी सार्वजनिक की।
वार्ता का नेतृत्व और संरचना
इस द्विपक्षीय वार्ता की संयुक्त अध्यक्षता भारतीय नौसेना के विदेश सहयोग विभाग के कमोडोर कार्तिक श्रीमल और केन्याई नौसेना के उप कमांडर ब्रिगेडियर संकाले किसवा ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग के रक्षा सलाहकार कैप्टन अर्जित पांडेय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।
वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केन्या नौसेना मुख्यालय का दौरा किया और केन्या नौसेना के कमांडर मेजर जनरल पॉल ओटिएनो से शिष्टाचार मुलाकात की।
चर्चा के मुख्य विषय
तीन दिवसीय वार्ता में परिचालन सहयोग, प्रशिक्षण आदान प्रदान, समुद्री सुरक्षा और पेशेवर संपर्क बढ़ाने पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने हिंद महासागर क्षेत्र में उभरती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर विशेष जोर दिया।
केन्या के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक ने दोनों देशों की नौसेनाओं को साझा हितों की समीक्षा करने और नए अवसर तलाशने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
दोनों देशों की प्रतिबद्धता
मेजर जनरल पॉल ओटिएनो ने कहा कि नियमित पेशेवर संवाद दोनों देशों के रक्षा संबंधों को सुदृढ़ बनाने और समुद्री क्षेत्र में उभरते खतरों से निपटने की क्षमता विकसित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। केन्या रक्षा मंत्रालय ने कहा, "भारत और केन्या हिंद महासागर क्षेत्र में लंबे समय से साझा समुद्री हित रखते हैं, इसलिए नौसैनिक सहयोग दोनों देशों के व्यापक रक्षा संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।"
भारतीय नौसेना ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने आधिकारिक बयान में कहा कि चर्चा का मुख्य फोकस परिचालन सहयोग, प्रशिक्षण आदान प्रदान, समुद्री सुरक्षा और पेशेवर संपर्क बढ़ाने पर रहा, और दोनों देशों ने द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
व्यापक रणनीतिक संदर्भ
यह वार्ता ऐसे समय में आई है जब भारत अपनी 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत हिंद महासागर तटीय देशों के साथ समुद्री साझेदारी को व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है। गौरतलब है कि भारत पहले ही श्रीलंका, मालदीव, मॉरीशस और मोज़ाम्बिक जैसे देशों के साथ इस तरह की द्विपक्षीय नौसेना वार्ता की संरचना बना चुका है — और अब पूर्वी अफ्रीका में केन्या के साथ यह पहला कदम उठाया गया है।
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, अदन की खाड़ी और पूर्वी अफ्रीकी तट पर समुद्री डकैती और अन्य गैर परंपरागत खतरों को देखते हुए यह साझेदारी दोनों देशों के लिए परिचालन दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
आगे की राह
दोनों पक्षों ने भविष्य में नियमित नौसेना स्टाफ वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई। केन्या रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह शिष्टाचार मुलाकात भारत केन्या समुद्री साझेदारी की मजबूती और सुरक्षित तथा स्थिर समुद्री माहौल को बढ़ावा देने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आने वाले समय में प्रशिक्षण आदान प्रदान और संयुक्त अभ्यासों के क्षेत्र में ठोस प्रगति की उम्मीद है।