आईएनएस तरकश का मॉरीशस अभियान पूरा, पोर्ट लुई में तटरक्षक बल के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस तरकश मॉरीशस के पोर्ट लुई में अपना बहुआयामी अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर अगले मिशन के लिए रवाना हो गया है। इस दौरे में भारतीय चालक दल ने मॉरीशस के शीर्ष सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की, तटरक्षक बल के साथ संयुक्त समुद्री निगरानी की और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में भी हिस्सेदारी की। यह यात्रा भारत-मॉरीशस के बीच गहरे द्विपक्षीय समुद्री संबंधों की एक और कड़ी है।
उच्च स्तरीय मुलाकातें और राजनयिक पहल
आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर ने मॉरीशस की गृह मामलों की सचिव कान ओये फोंग और पुलिस आयुक्त रामप्रसाद सूरूजबली से मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने युद्धपोत का दौरा भी किया और भारतीय नौसेना के अधिकारियों एवं जवानों से सीधी बातचीत की।
इसके अलावा, मॉरीशस में भारत के उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य व्यक्ति जहाज पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित रहे। गौरतलब है कि इस स्तर की उच्च-स्तरीय भागीदारी दोनों देशों के बीच रक्षा और कूटनीतिक सहयोग की परिपक्वता को दर्शाती है।
आप्रवासी दिवस और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
इस यात्रा का एक विशेष पहलू 2026 के आप्रवासी दिवस से जुड़ा आयोजन रहा। 2 नवंबर 2026 को अप्रवासी दिवस की 192वीं वर्षगांठ के अवसर पर आईएनएस तरकश पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मॉरीशस सरकार के शिक्षा एवं मानव संसाधन मंत्री डॉ. महेंद गंगापरसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
यह आयोजन महज एक औपचारिकता नहीं था — यह भारत और मॉरीशस की साझा ऐतिहासिक जड़ों की स्वीकृति थी, जो इंडो-मॉरीशियन समुदाय की पहचान से गहराई से जुड़ी हुई है।
संयुक्त समुद्री अभ्यास और तटरक्षक प्रशिक्षण
पोर्ट लुई प्रवास के अंतिम चरण में आईएनएस तरकश ने मॉरीशस तटरक्षक बल के जहाज सीजीएस वैलियंट के साथ समुद्री अभ्यास (पासेक्स) किया। इसके बाद दोनों देशों के तटरक्षक बलों ने एक डॉर्नियर विमान की सहायता से मॉरीशस के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में संयुक्त निगरानी अभियान भी चलाया।
इसके अलावा, आईएनएस तरकश के चालक दल ने मॉरीशस के तटरक्षक कर्मियों को विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया। यह क्षमता-निर्माण का प्रयास हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के अनुरूप है।
सामाजिक संपर्क कार्यक्रम
चालक दल ने होस्पिस सेंट जीन डी डियू का दौरा कर एक सामाजिक संपर्क कार्यक्रम में भी भाग लिया। यह कदम भारतीय नौसेना की उस परंपरा को दर्शाता है जिसमें विदेशी बंदरगाह भ्रमण के दौरान स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ाव को प्राथमिकता दी जाती है।
आगे का मार्ग
अभियान पूरा करने के बाद आईएनएस तरकश अपने समुद्री दौरे के अगले चरण के लिए मॉरीशस से रवाना हो चुका है। यह यात्रा हिंद महासागर में भारत की बढ़ती नौसैनिक उपस्थिति और क्षेत्रीय साझेदारियों को सुदृढ़ करने की रणनीतिक दिशा को रेखांकित करती है।