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अमित शाह 9 नवंबर को अहमदाबाद में ₹1,024 करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे

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अमित शाह 9 नवंबर को अहमदाबाद में ₹1,024 करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 9 नवंबर को अहमदाबाद में एक ही दिन ₹1,024 करोड़ की 30 परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे — जिसमें 1,200 घरों का आवंटन, बुनियादी ढाँचा कार्य और कांकरिया में 'मेड इन इंडिया' टॉय ट्रेन शामिल है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 9 नवंबर 2026 को अहमदाबाद लोकसभा क्षेत्र में ₹1,024 करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।
परियोजनाओं में 1,200 आवासीय इकाइयों का आवंटन और ड्रेनेज व जलापूर्ति कार्य प्रमुख हैं।
AMC ने छठ पूजा के लिए शहर के आठ क्षेत्रों में पानी के कुंड, रोशनी और मंच की व्यवस्था की है।
कांकरिया में मेड इन इंडिया दो नई टॉय ट्रेनें लगभग ₹3.59 करोड़ की लागत में तैयार; पुरानी आयातित ट्रेनों से 40% कम खर्च।
नई टॉय ट्रेनें अगले 10 से 15 दिनों में नागरिकों के लिए उपलब्ध होंगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 9 नवंबर 2026 को अपने अहमदाबाद लोकसभा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे, जिस दौरान वे ₹1,024 करोड़ की लागत वाली 30 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं में 1,200 घरों का आवंटन, ड्रेनेज और वाटर प्रोजेक्ट सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य सम्मिलित हैं।

मुख्य घटनाक्रम

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन कमलेश पटेल ने बताया कि 9 नवंबर को शाह के संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान कुल 30 परियोजनाओं का लोकार्पण या शुभारंभ किया जाएगा। इन सभी कार्यों की संयुक्त लागत लगभग ₹1,024 करोड़ है। इनमें सर्वाधिक उल्लेखनीय 1,200 आवासीय इकाइयों का आवंटन है, जो शहर के निम्न-आय वर्ग को लक्षित करता है।

ड्रेनेज और जलापूर्ति से जुड़ी परियोजनाएँ भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जो बारिश के मौसम में जलभराव की पुरानी समस्या से निपटने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही हैं। गौरतलब है कि अहमदाबाद पश्चिम लोकसभा क्षेत्र, जहाँ से शाह सांसद हैं, नगर निकाय की प्राथमिकता परियोजनाओं में प्रमुखता से स्थान पाता रहा है।

छठ पूजा की व्यवस्थाएँ

कमलेश पटेल ने छठ पूजा की तैयारियों पर भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े लोग बड़ी संख्या में यह पर्व मनाते हैं। पहले साबरमती नदी के किनारे इंदिरा ब्रिज के पास छठ पूजा का आयोजन होता था, परंतु फिलहाल वहाँ रिवरफ्रंट का निर्माण कार्य जारी है।

श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए AMC ने शहर के आठ क्षेत्रों में पानी के कुंड तैयार किए हैं। इन स्थानों पर रोशनी और मंच की भी व्यवस्था की गई है, ताकि अलग-अलग इलाकों के लोग अपने नजदीक ही इस पर्व को धूमधाम से मना सकें।

कांकरिया में 'मेड इन इंडिया' टॉय ट्रेन

कांकरिया झील परिसर में दो नई मेड इन इंडिया टॉय ट्रेन जल्द ही नागरिकों की सेवा में आएंगी। कमलेश पटेल ने बताया कि वर्ष 2008 में कांकरिया के पुनर्विकास के बाद नागरिकों के मनोरंजन के लिए विदेश से दो टॉय ट्रेनें मंगाई गई थीं, जिन पर तब लगभग ₹8 करोड़ खर्च हुए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' आह्वान के अनुरूप अब भारत में निर्मित दो नई टॉय ट्रेनें तैयार की गई हैं, जिनकी कुल लागत लगभग ₹3.59 करोड़ है। यह राशि पुरानी आयातित ट्रेनों की तुलना में करीब 40 प्रतिशत कम है। पटेल ने बताया कि पुरानी आयातित ट्रेन का नाम अटल एक्सप्रेस है और भारत में निर्मित यह पहली टॉय ट्रेन है।

नई ट्रेनें पुरानी ट्रेनों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार की गई हैं। इन्हें आने वाले 10 से 15 दिनों में नागरिकों के लिए समर्पित किए जाने की योजना है।

आम जनता पर असर

₹1,024 करोड़ की परियोजनाओं से अहमदाबाद के लाखों निवासियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। 1,200 घरों का आवंटन आवास की माँग को कुछ हद तक पूरा करेगा, जबकि ड्रेनेज एवं जल परियोजनाएँ शहरी बुनियादी ढाँचे को मजबूत करेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी स्थानीय निकाय अपनी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के दबाव में हैं।

क्या होगा आगे

9 नवंबर के इस कार्यक्रम के बाद AMC की ओर से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जाएगी। कांकरिया की नई टॉय ट्रेनें अगले दो सप्ताह के भीतर जनता के लिए उपलब्ध होने की उम्मीद है। छठ पूजा की व्यवस्थाओं को लेकर AMC की सक्रियता यह दर्शाती है कि शहर के प्रशासन ने प्रवासी समुदायों की सांस्कृतिक आवश्यकताओं को महत्व देना शुरू किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

024 करोड़ की 30 परियोजनाओं का एकल दिवसीय लोकार्पण निस्संदेह एक बड़ी राजनीतिक प्रतीकात्मकता रखता है — यह अमित शाह का अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्यक्ष उपस्थिति बनाए रखने का सुनियोजित प्रयास है। परंतु असली कसौटी यह होगी कि क्या 1,200 घरों का आवंटन वास्तव में पात्र लाभार्थियों तक पहुँचता है या यह महज एक संख्या बनकर रह जाता है। कांकरिया की 'मेड इन इंडिया' टॉय ट्रेन 'आत्मनिर्भर भारत' के आख्यान को स्थानीय स्तर पर मूर्त रूप देती है — और ₹8 करोड़ के बजाय ₹3.59 करोड़ में बनी यह ट्रेन लागत-दक्षता का व्यावहारिक उदाहरण है। साबरमती रिवरफ्रंट के निर्माण के कारण बाधित छठ पूजा व्यवस्था यह भी बताती है कि बड़े शहरी प्रोजेक्ट कभी-कभी स्थानीय परंपराओं से टकराते हैं, और AMC की वैकल्पिक व्यवस्था एक प्रशंसनीय प्रशासनिक संवेदनशीलता है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह 9 नवंबर को अहमदाबाद में क्या करेंगे?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 9 नवंबर 2026 को अपने अहमदाबाद लोकसभा क्षेत्र में ₹1,024 करोड़ की कुल लागत वाली 30 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे। इनमें 1,200 घरों का आवंटन, ड्रेनेज और वाटर प्रोजेक्ट प्रमुख हैं।
अहमदाबाद में छठ पूजा 2026 के लिए AMC ने क्या व्यवस्था की है?
साबरमती रिवरफ्रंट पर निर्माण कार्य के कारण इंदिरा ब्रिज के पास आयोजन संभव न होने पर AMC ने शहर के आठ क्षेत्रों में पानी के कुंड, रोशनी और मंच तैयार किए हैं। इससे बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े श्रद्धालु अपने नजदीकी स्थान पर छठ पूजा मना सकेंगे।
कांकरिया की नई मेड इन इंडिया टॉय ट्रेन क्या है?
कांकरिया झील परिसर में 2008 से चल रही विदेश से आयातित टॉय ट्रेनों के स्थान पर अब भारत में निर्मित दो नई टॉय ट्रेनें तैयार की गई हैं, जिनकी लागत लगभग ₹3.59 करोड़ है। यह पुरानी आयातित ट्रेनों (₹8 करोड़) की तुलना में करीब 40 प्रतिशत कम है।
नई टॉय ट्रेनें कब तक नागरिकों के लिए उपलब्ध होंगी?
AMC की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन कमलेश पटेल के अनुसार नई मेड इन इंडिया टॉय ट्रेनें आने वाले 10 से 15 दिनों में नागरिकों की सेवा के लिए समर्पित की जाएंगी।
अहमदाबाद की इन 30 परियोजनाओं से किसे लाभ होगा?
इन परियोजनाओं से अहमदाबाद के लाखों निवासियों को सीधा फायदा मिलेगा — 1,200 परिवारों को आवास, ड्रेनेज और जलापूर्ति सुधार से पूरे क्षेत्र के निवासियों को राहत, और कांकरिया में नई टॉय ट्रेन से पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों को बेहतर मनोरंजन सुविधा मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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