मध्य प्रदेश में अवैध शराब तस्करी की सीबीआई जांच हो: जीतू पटवारी की माँग, थाना प्रभारी की मौत पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 5 नवंबर 2026 को प्रदेश में अवैध शराब तस्करी मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की माँग की है। यह माँग देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की उस दुखद मौत के बाद आई है, जिसमें अवैध शराब की तस्करी करने वाले एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
पटवारी ने गुरुवार को दिलीप पुरी के निवास पर पहुँचकर परिवार को शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने पुरी के असमय निधन को 'अत्यंत दुखद और पीड़ादायक' बताया। पटवारी ने इस अवसर पर पुलिसकर्मियों की कठिन कार्यपरिस्थितियों का भी उल्लेख किया — कि पुलिस विभाग के कर्मचारी दिन-रात, 24 घंटे अपनी ड्यूटी निभाते हैं और कई बार नियमित अवकाश तक नसीब नहीं होता।
सरकार से माँगें
पटवारी ने मुख्यमंत्री (जो प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं) से माँग की है कि पुलिस विभाग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क की जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम दिलीप पुरी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इससे पुलिसकर्मियों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
पटवारी के अनुसार, पुलिसकर्मी जनसुरक्षा में सतत लगे रहते हैं, इसलिए उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
अवैध शराब नेटवर्क पर गंभीर सवाल
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के गाँव-गाँव और गली-मोहल्लों में 'डायरी पर' अवैध शराब की बिक्री हो रही है। उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर यह कारोबार बिना प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं है।
उन्होंने गुजरात में अवैध शराब की सप्लाई और तस्करी के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की जांच की माँग की। पटवारी ने पूछा कि किनके संरक्षण में शराब माफिया बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं और सरकार को इन सवालों का जवाब देना होगा।
सीबीआई जांच की माँग
पटवारी ने स्पष्ट रूप से माँग की कि गुजरात में अवैध शराब की सप्लाई करने वाले माफियाओं, उनके सहयोगियों और उन्हें संरक्षण देने वालों की भूमिका की सीबीआई जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि शराब माफियाओं को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण तत्काल बंद होना चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
आगे क्या होगा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य प्रदेश में अवैध शराब से जुड़े विवाद पहले भी चर्चा में रहे हैं। पटवारी की सीबीआई जांच की माँग को सरकार स्वीकार करती है या नहीं, यह देखना बाकी है। विपक्ष के इस दबाव के बाद सत्ताधारी दल की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक कदम आने वाले दिनों में राजनीतिक सुर्खियों में रहने की उम्मीद है।