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आईएनएस तरकश मोम्बासा पहुंचा, भारत केन्या समुद्री सहयोग को मिली नई मजबूती

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आईएनएस तरकश मोम्बासा पहुंचा, भारत केन्या समुद्री सहयोग को मिली नई मजबूती

सारांश

भारतीय नौसेना का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तरकश मोम्बासा पहुंचा — यह महज़ एक बंदरगाह पड़ाव नहीं, बल्कि पश्चिमी हिंद महासागर में भारत की बढ़ती नौसैनिक कूटनीति का ताज़ा अध्याय है। अप्रैल में आईएनएस त्रिकांड की सफल यात्रा के बाद यह दौरा भारत केन्या समुद्री साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है।

मुख्य बातें

आईएनएस तरकश 29 सितंबर को परिचालन पड़ाव के लिए मोम्बासा बंदरगाह , केन्या पहुंचा।
जहाज 1 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा।
रवाना होने पर आईएनएस तरकश केन्याई नौसेना के साथ पैसेज अभ्यास करेगा।
उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने 19 सितंबर को केन्या के विदेश मामलों के प्रधान सचिव कोरिर सिंगओई से द्विपक्षीय संबंधों पर बैठक की।
इसी वर्ष अप्रैल में आईएनएस त्रिकांड ने मोम्बासा में सफल ओटीआर पूरा किया था, जिसमें केन्याई नौसेना के साथ प्रशिक्षण और सामुदायिक कार्यक्रम शामिल थे।

भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तरकश मंगलवार, 29 सितंबर को परिचालन पड़ाव के लिए केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर पहुंचा। यह यात्रा पश्चिमी हिंद महासागर में भारत केन्या द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को गहरा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

बंदरगाह यात्रा का कार्यक्रम

नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि इस यात्रा के दौरान पेशेवर आदान प्रदान, दोनों देशों के चालक दल के बीच आपसी बातचीत और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उच्चायोग ने पोस्ट किया, "आईएनएस तरकश 1 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा।" रवाना होने से पूर्व जहाज केन्याई नौसेना के साथ पैसेज अभ्यास भी करेगा।

भारत के महासागर विजन का प्रतिबिंब

भारतीय उच्चायोग ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा भारत के 'महासागर विजन' के अनुरूप है और पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रयास है। गौरतलब है कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक उपस्थिति को मजबूत करने के लिए नौसेना की बंदरगाह यात्राएं तेज़ी से बढ़ी हैं।

उच्चायुक्त स्तर पर द्विपक्षीय बैठक

19 सितंबर को केन्या में भारतीय उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने केन्या के विदेश मामलों के प्रधान सचिव कोरिर सिंगओई से मुलाकात की। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों की प्रमुख पहलों की प्रगति और आगामी उच्च स्तरीय आदान प्रदान के संभावित परिणामों की समीक्षा की गई। उच्चायुक्त ने बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों पर प्रकाश डाला और निवेशक अनुकूल कारोबारी माहौल के महत्व को भी रेखांकित किया।

आईएनएस त्रिकांड की सफल यात्रा की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब इसी वर्ष अप्रैल में भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकांड ने मोम्बासा में एक अत्यधिक सफल ऑपरेशनल टर्नअराउंड (ओटीआर) पूरा किया था। उस यात्रा में स्थानीय निवासियों और केन्या नौसेना के कर्मियों के साथ योग सत्र, स्वास्थ्य कार्यक्रम और पेशेवर आदान प्रदान शामिल थे।

मोम्बासा स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग के अनुसार, आईएनएस त्रिकांड के कमांडिंग ऑफिसर ने भारतीय उच्चायोग के रक्षा सलाहकार के साथ केन्या नौसेना बेस मटोंगवे में केन्या नौसेना बेड़े के कमांडर ब्रिगेडियर एम.एस. शेमोटे से मुलाकात की थी। विशेषज्ञ अधिकारियों ने केन्या नौसेना प्रशिक्षण कॉलेज का भी दौरा कर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और बुनियादी ढांचे के विकास पर अनुभव साझा किए थे।

आगे की राह

आईएनएस तरकश की यह यात्रा भारत केन्या संबंधों में समुद्री आयाम को और विस्तार देने की कड़ी में नवीनतम कदम है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी हिंद महासागर में भारत की नौसैनिक कूटनीति आने वाले समय में और सक्रिय होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संकेत देती है कि पश्चिमी हिंद महासागर में भारत की 'महासागर विजन' नीति अब कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर उतर रही है। चीन की अफ्रीकी बंदरगाहों में बढ़ती पकड़ के बीच यह कूटनीतिक पैंतरेबाज़ी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हालांकि, असली परीक्षा यह होगी कि ये यात्राएं केवल सद्भावना तक सीमित रहती हैं या दीर्घकालिक रक्षा समझौतों और बुनियादी ढांचे के सहयोग में तब्दील होती हैं।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस तरकश क्या है और यह मोम्बासा क्यों गया?
आईएनएस तरकश भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है। यह 29 सितंबर को परिचालन पड़ाव के लिए मोम्बासा पहुंचा, ताकि भारत केन्या समुद्री सहयोग को मजबूत किया जा सके और भारत के महासागर विजन को आगे बढ़ाया जा सके।
आईएनएस तरकश की मोम्बासा यात्रा के दौरान क्या कार्यक्रम होंगे?
यात्रा के दौरान पेशेवर आदान प्रदान, चालक दल की आपसी बातचीत और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम होंगे। जहाज 1 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा और रवाना होने पर केन्याई नौसेना के साथ पैसेज अभ्यास किया जाएगा।
भारत केन्या समुद्री सहयोग में हाल में और क्या हुआ है?
इसी वर्ष अप्रैल में आईएनएस त्रिकांड ने मोम्बासा में एक सफल ऑपरेशनल टर्नअराउंड पूरा किया था, जिसमें योग सत्र, स्वास्थ्य कार्यक्रम और केन्याई नौसेना के साथ प्रशिक्षण आदान प्रदान शामिल थे। इसके अलावा 19 सितंबर को उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने केन्या के विदेश मामलों के प्रधान सचिव से भी मुलाकात की।
भारत का 'महासागर विजन' क्या है?
भारत का 'महासागर विजन' हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग, सुरक्षा और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की व्यापक नीति है। इसके तहत भारतीय नौसेना पड़ोसी और मित्र देशों के साथ बंदरगाह यात्राएं, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करती है।
इस यात्रा से भारत केन्या संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को नई गति देगी। उच्चायुक्त स्तर की बैठकों और बढ़ते व्यापार निवेश संबंधों के साथ मिलकर यह यात्रा भारत केन्या द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत आधार प्रदान करती है।
राष्ट्र प्रेस
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