भारत-जापान आर्थिक मंच पर PM मोदी का विजन: व्यापार, निवेश और 'जापान बिजनेस वीक' का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा एक विशेष 'जापान बिजनेस वीक' आयोजित करने की घोषणा की, जो जापानी निवेशकों और कारोबारियों के लिए सीधे संवाद का मंच होगा।
मंच पर PM मोदी का स्वागत और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आपके साथ यहाँ मंच पर उपस्थित होना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है।' उन्होंने रेखांकित किया कि इस मंच में शामिल कई जापानी कंपनियाँ दशकों से भारत के साथ जुड़ी हुई हैं — कुछ तो एक सदी से भी अधिक समय से भारत की विकास यात्रा का हिस्सा रही हैं। नए साझेदारों को उन्होंने इस साझा सफलता की कहानी का अंग बनने पर हार्दिक बधाई दी।
मारुति सुजुकी से लेकर मोटरसाइकिल तक — साझेदारी की मिसालें
मोदी ने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज सुजुकी की दुनिया भर में बनने वाली करीब दो-तिहाई गाड़ियाँ भारत में निर्मित होती हैं और 100 से अधिक देशों में निर्यात की जाती हैं। उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची से हल्के-फुल्के अंदाज़ में यह भी कहा, 'मुझे बताया गया है कि आपको मोटरबाइक का बहुत शौक है।' इस संदर्भ में उन्होंने कावासाकी, यामाहा और होंडा जैसी जापानी कंपनियों की भारत में निर्मित मोटरसाइकिलों के वैश्विक बाज़ारों में बढ़ते निर्यात को साझेदारी की जीवंत मिसाल बताया। एयर कंडीशनर, बिजली ग्रिड उपकरण और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में भी उन्होंने कहा कि 'जब जापान की विशेषज्ञता और निवेश भारत की गति और पैमाने के साथ मिलते हैं, तो इसका फायदा पूरी दुनिया को होता है।'
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मज़बूती
प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय सप्लाई चेन की बाधाओं, व्यापार में अनिश्चितता और माँग में कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। इसके बावजूद उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था करार दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही और पिछले 12 वर्षों में लगातार सुधारों के ज़रिये देश की आर्थिक नींव को और सुदृढ़ किया गया है। गौरतलब है कि जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) के सर्वेक्षण में भारत लगातार चौथे वर्ष जापानी कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बना हुआ है।
'जापान बिजनेस वीक' — नई पहल का ऐलान
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि PMO एक विशेष 'जापान बिजनेस वीक' आयोजित करेगा, जिसमें PMO के वरिष्ठ अधिकारी जापानी कारोबारियों से सीधे मिलेंगे, उनकी समस्याएँ सुनेंगे और भारत में व्यापार को और सुगम बनाने पर गहन चर्चा करेंगे। यह पहल जापानी निवेश और साझेदारी को और अधिक प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने हाल के महीनों में कर, शासन और कारोबारी सुगमता से जुड़े कई नए सुधार लागू किए हैं और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए और अधिक खोला है।
आगे की राह
भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच पर की गई ये घोषणाएँ दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने का संकेत देती हैं। 'जापान बिजनेस वीक' के ब्यौरे और तारीखें आने वाले हफ्तों में PMO द्वारा साझा किए जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल प्रभावी ढंग से लागू हुई, तो यह जापानी निवेशकों की भारत में कारोबार करने की राह में आने वाली नौकरशाही बाधाओं को कम करने में सहायक हो सकती है।