क्या भारत के स्किल्ड युवा टैलेंट में वैश्विक जरूरतें पूरी करने की क्षमता है?

सारांश
Key Takeaways
- भारत का स्किल्ड युवा टैलेंट वैश्विक जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।
- जापान की तकनीक और भारत की प्रतिभा मिलकर तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर सकती हैं।
- भारत और जापान के बीच संभावनाएँ और साझेदारियाँ बढ़ने की उम्मीद है।
टोक्यो, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के मैन्युफैक्चरर्स को भारत में आने और काम करने का न्योता दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं आप सभी से निवेदन करता हूं कि आइए, हम 'भारत में बनाएं, विश्व के लिए बनाएं।' उन्होंने मैन्युफैक्चरर्स को बताया कि 'सुजुकी' और 'डाइकिन' की सफलता की कहानियाँ आपकी भी सफलताएँ बन सकती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को व्यापार जगत के दिग्गजों से बातचीत के साथ अपने जापान दौरे की शुरुआत की। भारत-जापान आर्थिक फोरम में पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री इशिबा का धन्यवाद किया। इस अवसर पर, उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में, जापान हमेशा एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्ट-अप्स तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारत में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता है। नीतियों में पारदर्शिता और भविष्यवाणी की क्षमता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और हम जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं।
आर्थिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 11 वर्षों में भारत में किए गए सुधारों का उल्लेख किया और कहा कि इसका उद्देश्य 'विकसित भारत' बनाना है। उन्होंने जापान के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का भी जिक्र किया।
पीएम मोदी ने आह्वान करते हुए कहा, "मैन्युफैक्चरिंग और ऑटो सेक्टर में भारत-जापान की भागीदारी बेहद सफल रही है। दोनों देश मिलकर बैटरी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, शिप-बिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी में सफलताएँ प्राप्त कर सकते हैं। साथ मिलकर वैश्विक दक्षिण, विशेषकर अफ्रीका के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।"
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी और नवाचार पर चर्चा की, यह बताते हुए कि जापान 'टेक पावर हाउस' है और भारत एक 'टैलेंट पावर हाउस' है। उन्होंने कहा, "भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में साहसिक और महत्वाकांक्षी पहलें की हैं। जापान की तकनीक और भारत की प्रतिभा मिलकर इस सदी की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर सकते हैं।"
इसी प्रकार, पीएम नरेंद्र मोदी ने ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन, अगली पीढ़ी का इन्फ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और लोगों के बीच संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोलर सेल और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्रों में साझेदारी की अपार संभावनाएँ हैं। ज्वाइंट क्रेडिट मैकेनिज्म का लाभ उठाकर स्वच्छ और हरी भविष्य के निर्माण में सहयोग किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का स्किल्ड युवा टैलेंट वैश्विक जरूरतें पूरी करने की क्षमता रखता है। इसका लाभ भी जापान उठा सकता है।