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पप्पू यादव का बयान: ओम बिरला के समर्थन में अविश्वास प्रस्ताव की कोई आवश्यकता नहीं

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पप्पू यादव का बयान: ओम बिरला के समर्थन में अविश्वास प्रस्ताव की कोई आवश्यकता नहीं

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समर्थन में अविश्वास प्रस्ताव की आवश्यकता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष का पद संसदीय प्रणाली में महत्वपूर्ण है और उम्मीद जताई कि बिरला का प्रतिनिधित्व सभी 140 करोड़ भारतीयों का होगा।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने ओम बिरला का समर्थन किया।
अविस्वास प्रस्ताव में 118 विपक्षी सांसद शामिल हैं।
राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं मिला।
स्पीकर पर पक्षपात का आरोप।
यादव ने बिरला के नेतृत्व की प्रशंसा की।

नई दिल्ली 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसदीय प्रणाली में अध्यक्ष का पद अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकतांत्रिक होता है। वे एक नेता और प्रधानसेवक के रूप में कार्य करते हैं। स्पीकर 140 करोड़ लोगों का दर्पण हैं, और उस दर्पण में उन्हें सही रूप में दिखना चाहिए। मैंने यह भी कहा कि सोमनाथ दादा ने अपने अनुशासन के लिए अपने दल का भी त्याग कर दिया था।

पप्पू यादव ने आगे कहा कि वर्तमान में हमारे अध्यक्ष बहुत अच्छे हैं, और मेरी कामना है कि उनका प्रतिनिधित्व भारत की 140 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व बना रहे और ऐसी स्थिति कभी न आए।

10 फरवरी को, विपक्ष के सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लोकसभा महासचिव को रूल 94 (सी) के तहत अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव पर विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। यह प्रस्ताव कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई द्वारा पेश किया गया, जिसमें संविधान के आर्टिकल 94(सी) का उपयोग करते हुए स्पीकर को हटाने का प्रावधान है।

नोटिस में विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को पक्षपाती तरीके से चलाया और विपक्षी नेताओं, जैसे राहुल गांधी, को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया। विपक्ष ने कहा कि जबकि वे स्पीकर का व्यक्तिगत रूप से सम्मान करते हैं, उन्हें यह दुखद लगता है कि विपक्षी सांसदों को लोकसभा में लोगों की चिंताओं को उठाने से लगातार रोका जा रहा है।

विपक्ष ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए कई उदाहरण दिए हैं। इनमें उल्लेख किया गया कि 2 फरवरी को राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का संबोधन पूरा करने नहीं दिया गया।

इसके अलावा, 3 फरवरी को आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र के बाकी समय के लिए मनमाने ढंग से निलंबित कर दिया गया, जिसे नोटिस में सदस्य के लोकतांत्रिक अधिकारों के उपयोग के लिए सजा देने के रूप में वर्णित किया गया। विपक्ष ने अपने नोटिस में कुछ अन्य उदाहरणों का भी जिक्र किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पप्पू यादव का बयान राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखने की कोशिश को दर्शाता है। ओम बिरला के नेतृत्व के प्रति समर्थन और विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का संदर्भ राजनीतिक संवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने ओम बिरला के समर्थन में क्या कहा?
पप्पू यादव ने कहा कि ओम बिरला का पद अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी नेतृत्व क्षमता पर विश्वास जताया।
अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष के कितने सांसद शामिल हैं?
अविस्वास प्रस्ताव पर विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।
राहुल गांधी को क्यों नहीं बोलने दिया गया?
राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना संबोधन पूरा नहीं करने दिया गया।
स्पीकर पर आरोप क्या हैं?
स्पीकर पर आरोप है कि उन्होंने सदन की कार्यवाही पक्षपाती तरीके से चलायी और विपक्षी नेताओं को बोलने का अवसर नहीं दिया।
पप्पू यादव का भविष्यवाणी क्या है?
पप्पू यादव ने आशा व्यक्त की कि ओम बिरला का प्रतिनिधित्व सभी 140 करोड़ जनता का होगा।
राष्ट्र प्रेस
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