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राजनाथ सिंह का निर्देश: सरकारी अधिकारी नियमित रूप से जनता से मिलें, सेवा भावना रखें प्राथमिकता

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राजनाथ सिंह का निर्देश: सरकारी अधिकारी नियमित रूप से जनता से मिलें, सेवा भावना रखें प्राथमिकता

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय रक्षा संपदा सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया — जनता के बीच जाएँ, उनकी सुनें और सेवा भावना को प्राथमिकता दें। पारदर्शिता, संवेदनशीलता और मानसिक संतुलन को उन्होंने आधुनिक लोक प्रशासन की बुनियाद बताया।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 अगस्त को नई दिल्ली में भारतीय रक्षा संपदा सेवा (IDES) के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को नियमित रूप से आम नागरिकों से मिलकर उनकी समस्याएँ जमीनी स्तर पर समझनी चाहिए।
पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को उन्होंने लोक सेवा के तीन मूल स्तंभ बताया।
रक्षा संपदा विभाग की देशभर में रक्षा भूमि प्रबंधन और छावनी बोर्डों के नागरिक प्रशासन में भूमिका की सराहना की।
राजनाथ सिंह ने अधिकारियों को नियमित ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास अपनाने की सलाह दी, ताकि मानसिक संतुलन बना रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी अधिकारियों को नियमित रूप से आम नागरिकों के बीच जाना चाहिए और उनकी समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझना चाहिए। उन्होंने यह बात भारतीय रक्षा संपदा सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कही।

मुख्य संदेश: जन-संवाद और सेवा भावना

राजनाथ सिंह ने प्रशिक्षु अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लोगों से सीधा संवाद और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनना एक लोक सेवक का बुनियादी कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को यह विश्वास दिलाना ज़रूरी है कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, जमीनी वास्तविकताओं की समझ तभी संभव है जब अधिकारी कार्यालय की चारदीवारी से बाहर निकलकर जनता के बीच जाएँ।

रक्षा संपदा विभाग की भूमिका

रक्षा मंत्री ने रक्षा संपदा विभाग की ज़िम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में रक्षा भूमि का प्रभावी प्रबंधन और छावनी बोर्डों के माध्यम से नागरिक प्रशासन इस विभाग के दो प्रमुख दायित्व हैं। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा संपदा प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे इन अधिकारियों से कहा कि वे प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी के साथ-साथ जन-केंद्रित प्रशासन की भावना को भी अपने कार्य का अभिन्न हिस्सा बनाएँ।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

राजनाथ सिंह ने अधिकारियों को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही — इन तीन मूल्यों को अपने कार्य में सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में नागरिकों की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने में लोक सेवकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सेवाएँ सुविधाजनक, संवेदनशील और जनहितैषी तरीके से देना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक अभ्यास की सलाह

रक्षा मंत्री ने एक महत्वपूर्ण पहलू पर भी ध्यान दिलाया — लोक सेवकों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ कई बार चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण हो सकती हैं, ऐसे में मानसिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को नियमित ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सरकार लोक प्रशासन में जन-केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दे रही है। 2025 बैच के ये प्रशिक्षु अधिकारी शीघ्र ही देशभर के रक्षा संपदा और छावनी क्षेत्रों में तैनात होंगे, जहाँ उन्हें इन्हीं मूल्यों को व्यवहार में उतारना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस गहरी खाई की ओर इशारा करती है जो भारतीय नौकरशाही और आम नागरिक के बीच दशकों से बनी हुई है। प्रशिक्षण सत्रों में 'जन-केंद्रित प्रशासन' का पाठ पढ़ाना और उसे ज़मीन पर उतारना — दोनों में फ़र्क होता है। असली सवाल यह है कि क्या रक्षा संपदा जैसे विशेषज्ञ विभागों में संरचनात्मक प्रोत्साहन मौजूद हैं जो अधिकारियों को फ़ाइलों से बाहर निकलकर जनता तक जाने के लिए प्रेरित करें। ध्यान और आध्यात्म की सलाह व्यक्तिगत स्तर पर उपयोगी है, पर प्रशासनिक सुधार के लिए जवाबदेही के ठोस तंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने सरकारी अधिकारियों को क्या निर्देश दिया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को नियमित रूप से आम नागरिकों के बीच जाना चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को लोक सेवा के मूल मूल्य बताया।
यह बैठक किसके साथ और कहाँ हुई?
यह बैठक 17 अगस्त को नई दिल्ली में भारतीय रक्षा संपदा सेवा (IDES) के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ हुई। ये अधिकारी राष्ट्रीय रक्षा संपदा प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
रक्षा संपदा विभाग की क्या भूमिका है?
रक्षा संपदा विभाग देशभर में रक्षा भूमि के प्रशासनिक प्रबंधन और छावनी बोर्डों के माध्यम से नागरिक सुविधाओं एवं नगर प्रशासन से संबंधित कार्यों की देखरेख करता है। राजनाथ सिंह ने इस विभाग की इन दोनों भूमिकाओं की सराहना की।
राजनाथ सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ तनावपूर्ण हो सकती हैं, इसलिए अधिकारियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर समान ध्यान देना चाहिए। उन्होंने नियमित ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास अपनाने की सलाह दी ताकि कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लिए जा सकें।
IDES 2025 बैच के अधिकारी आगे क्या करेंगे?
राष्ट्रीय रक्षा संपदा प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये अधिकारी देशभर के रक्षा संपदा कार्यालयों और छावनी बोर्डों में तैनात होंगे। वहाँ वे रक्षा भूमि प्रबंधन और नागरिक प्रशासन की जिम्मेदारियाँ संभालेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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