क्या प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए 5-पॉइंट रोडमैप पेश किया?

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क्या प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए 5-पॉइंट रोडमैप पेश किया?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में जापान के प्रधानमंत्री के साथ भारत-जापान आर्थिक मंच में भाग लिया और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक पांच-पॉइंट रोडमैप प्रस्तुत किया। यह कदम दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने का प्रयास है।

Key Takeaways

  • भारत-जापान आर्थिक मंच में भागीदारी
  • पांच-पॉइंट रोडमैप का प्रस्ताव
  • मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पर जोर
  • ग्रीन एनर्जी के लिए सहयोग
  • स्किल डेवलपमेंट के अवसर

टोक्यो, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को टोक्यो में जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ भारत-जापान आर्थिक मंच में हिस्सा लिया। उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी पर जोर दिया और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए एक पांच-पॉइंट रोडमैप प्रस्तुत किया।

पीएम मोदी ने कहा कि अभी भारत-जापान बिजनेस फोरम की रिपोर्ट पेश की गई है, जिसमें कंपनियों द्वारा किए गए व्यापारिक सौदों का विस्तृत विवरण है। इस प्रगति के लिए मैं सभी को बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा, "हमारी साझेदारी के लिए कुछ सुझाव भी मैं आपके सामने रखना चाहता हूं।"

उन्होंने पांच-पॉइंट रोडमैप में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन, नेक्स्ट जेन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट को महत्वपूर्ण बताया।

पीएम मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग के संदर्भ में कहा, "ऑटो सेक्टर में हमारी साझेदारी अत्यधिक सफल रही है। हम बैटरी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, शिपबिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। साथ मिलकर हम ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।"

उन्होंने व्यापारिक नेताओं से मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड का आग्रह किया।

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर पीएम मोदी ने कहा, "जापान टेक पावरहाउस है और भारत टैलेंट पावरहाउस है। भारत ने एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक और स्पेस में कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। जापान की तकनीक और भारत का टैलेंट मिलकर इस सदी की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर सकते हैं।"

उन्होंने ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए कहा कि भारत तेजी से 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। हमने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का भी लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा, "सोलर सेल्स और ग्रीन हाइड्रोजन में साझेदारी की अपार संभावनाएं हैं। भारत और जापान के बीच जॉइंट क्रेडिट मैकेनिज्म पर समझौता हुआ है, जिसका लाभ उठाकर हम एक क्लीन और ग्रीन भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।"

उन्होंने नेक्स्ट जेन इंफ्रास्ट्रक्चर पर कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने नई पीढ़ी की गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व प्रगति की है। 1000 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइनें बनी हैं। जापान के सहयोग से मुंबई और अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन हमारी यात्रा यहीं नहीं रुकती।

स्किल डेवलपमेंट के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि भारत का कुशल युवा प्रतिभा वैश्विक आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखता है। जापान भी इसका लाभ उठा सकता है।

उन्होंने सभा से भारतीय प्रतिभा को जापानी भाषा और सॉफ्ट स्किल में प्रशिक्षित करके एक जापान-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने का आग्रह किया।

पीएम मोदी ने जापानी व्यवसायों को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी रणनीतिक और स्मार्ट है। मिलकर हम स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए आसियान सदी को आकार देंगे।

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मोदी ने किस मंच पर बात की?
प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में भारत-जापान आर्थिक मंच पर बात की।
भारत-जापान के बीच सहयोग के लिए किस रोडमैप का प्रस्ताव दिया गया?
भारत-जापान के बीच सहयोग को बढ़ाने के लिए एक पांच-पॉइंट रोडमैप का प्रस्ताव दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने किस क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया?
प्रधानमंत्री मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया।