16वीं भारत-जापान शिखर वार्ता: PM मोदी और PM ताकाइची आज नई दिल्ली में करेंगे द्विपक्षीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 3 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में 16वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन-स्तर की वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक सहयोग की व्यापक समीक्षा की जाएगी। पद संभालने के बाद यह ताकाइची की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है, और इसे दोनों देशों के बीच गहरी होती साझेदारी का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
दौरे की रूपरेखा और औपचारिक स्वागत
जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची बुधवार शाम नई दिल्ली पहुँचीं, जहाँ से उनका तीन दिवसीय आधिकारिक दौरा शुरू हुआ। राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यह दौरा भारत और जापान के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने में एक ज़रूरी कदम है।
तीन प्रमुख क्षेत्रों पर होगा ज़ोर
टोक्यो से रवाना होने से पहले ताकाइची ने मीडिया को बताया कि वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ तीन विशेष क्षेत्रों में ठोस प्रगति करना चाहती हैं — पहला, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए जापान-भारत रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना; दूसरा, आर्थिक सुरक्षा में सहयोग बढ़ाना; और तीसरा, निवेश एवं नवाचार में दोनों देशों के कारोबारी जगत के बीच संबंधों को मज़बूत करना। उन्होंने कहा, 'प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर काम करते हुए, मुझे उम्मीद है कि जापान-भारत सहयोग का दायरा बढ़ेगा और एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनेगी।'
व्यापार जगत की भागीदारी: 150 से अधिक जापानी कंपनियाँ
इस दौरे के दौरान जापान-भारत संयुक्त आर्थिक फोरम का भी आयोजन होगा, जिसमें 150 से अधिक जापानी कंपनियों और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह व्यापार फोरम द्विपक्षीय निवेश संबंधों को नई दिशा देने के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि जापान भारत के प्रमुख विदेशी निवेशकों में से एक है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार विस्तृत होते रहे हैं।
इंडो-पैसिफिक और क्वाड पर रहेगा विशेष फोकस
ताकाइची ने स्पष्ट किया कि भारत और जापान दोनों एशिया की अग्रणी लोकतांत्रिक शक्तियाँ हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने की साझा जिम्मेदारी उठाते हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) के लक्ष्य को साकार करने और क्वाड फ्रेमवर्क के तहत सहयोग पर विस्तृत चर्चा करने को उत्सुक हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
मानव संसाधन गतिशीलता पर भी हुई चर्चा
शिखर वार्ता से एक दिन पहले विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित मानव संसाधन गतिशीलता फोरम के जापान सत्र में भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने कहा कि ताकाइची का दौरा लोगों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का एक शानदार अवसर होगा। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि यह आपसी गहरे और रणनीतिक संबंधों को मज़बूत करने की नींव है। इस फोरम में स्किल-बेस्ड मोबिलिटी में भारत-जापान सहयोग के उभरते रास्तों पर विशेष ज़ोर दिया गया।