19 अगस्त 2026
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यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026: CM योगी बोले — जापानी तकनीक और यूपी के स्केल का संगम बनेगा विकास का नया इंजन

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यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026: CM योगी बोले — जापानी तकनीक और यूपी के स्केल का संगम बनेगा विकास का नया इंजन

सारांश

नई दिल्ली में आयोजित यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में CM योगी आदित्यनाथ ने जापान की प्रिसिजन तकनीक और उत्तर प्रदेश के विशाल औद्योगिक स्केल को मिलाकर विकास का नया मॉडल बनाने का आह्वान किया — जहाँ 96 लाख MSME, 17 हवाई अड्डे और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य दाँव पर है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन-2026 को संबोधित किया।
उत्तर प्रदेश का लक्ष्य एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना; पिछले 9 वर्षों में बजट, जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में करीब तीन गुना वृद्धि।
प्रदेश में 96 लाख+ एमएसएमई , 35 हजार+ बड़े उद्योग और 22 हजार+ स्टार्टअप सक्रिय।
देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60% हिस्सा यूपी में; 17 हवाई अड्डे , 7 शहरों में मेट्रो और देश की पहली रैपिड रेल।
उत्तर प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में करीब 21% योगदान देता है।
जापान की काइजन दर्शन और यूपी के औद्योगिक आधार के संयोजन को विनिर्माण, कौशल विकास और लॉजिस्टिक्स में परिवर्तनकारी बताया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि जापान की प्रिसिजन, गुणवत्ता, तकनीक और विनिर्माण उत्कृष्टता को उत्तर प्रदेश के स्केल, कौशल, विशाल बाज़ार और सुदृढ़ बुनियादी ढाँचे के साथ जोड़ा जाए, तो यह साझेदारी दोनों देशों के औद्योगिक संबंधों को नई ऊँचाई दे सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत-जापान सहयोग अब केवल निवेश तक सीमित नहीं, बल्कि यह साझा विकास, साझा तकनीक और साझा समृद्धि की साझेदारी बन चुकी है।

सम्मेलन की मुख्य बातें

मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए खुला आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्पष्ट नीति, साफ नीयत और दृढ़ संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है और भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बन रहा है। योगी ने यह भी बताया कि प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर मजबूती से अग्रसर है।

नौ वर्षों में यूपी की आर्थिक छलाँग

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश के बजट, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय में करीब तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में महिला श्रमबल भागीदारी भी तीन गुना से अधिक बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षा, स्थिरता और गति का अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।

बुनियादी ढाँचे की ताकत

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के अवसंरचना की विस्तृत तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा 17 हवाई अड्डे, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, सात शहरों में मेट्रो नेटवर्क, देश की पहली रैपिड रेल और दो समर्पित माल गलियारे उपलब्ध हैं। वाराणसी में देश का पहला शहरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे भी विकसित किया जा रहा है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक नेटवर्क के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है।

उद्योग और कृषि की संभावनाएँ

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ, 35 हजार से अधिक बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण और कृषि क्षेत्र में भी जापान के लिए व्यापक संभावनाएँ रेखांकित कीं और बताया कि उत्तर प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में करीब 21 प्रतिशत का योगदान देता है। काला नमक चावल का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे भगवान बुद्ध से जुड़े प्रसाद और प्रदेश की 'एक जिला, एक उत्पाद' योजना का हिस्सा बताया।

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु

योगी आदित्यनाथ ने भारत-जापान के सदियों पुराने सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध बुद्ध की करुणा, जीवन के अनुशासन और मध्य मार्ग जैसे साझा मूल्यों पर टिके हैं। उत्तर प्रदेश में कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती और कुशीनगर जैसे विश्वप्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल होने के कारण यह प्रदेश जापानी पर्यटकों और निवेशकों दोनों के लिए विशेष महत्त्व रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान को 'लैंड ऑफ द राइजिंग सन' कहा जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश सूर्यवंश, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान बुद्ध की धरती है — दोनों के बीच यह साझा विरासत निवेश संबंधों को और गहरा बना सकती है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान की यह साझेदारी आने वाले वर्षों में न केवल दोनों पक्षों के लिए आर्थिक अवसर सृजित करेगी, बल्कि भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी उन्नयन और रोज़गार सृजन को भी नई गति प्रदान कर सकती है। जापान की काइजन दर्शन और उत्तर प्रदेश की विशाल उत्पादन क्षमता का यह संयोजन विनिर्माण, एमएसएमई, कौशल विकास, अनुसंधान एवं विकास तथा लॉजिस्टिक्स — सभी क्षेत्रों में परिवर्तनकारी साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन घोषणाओं का ज़मीनी क्रियान्वयन कितनी तेज़ी से होगा। '96 लाख एमएसएमई' और 'एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था' जैसे लक्ष्य तब तक महत्त्वाकांक्षी सुर्खियाँ ही रहते हैं, जब तक जापानी निवेश के लिए ठोस परियोजनाएँ, समयसीमाएँ और जवाबदेही तंत्र सार्वजनिक न हों। यह भी गौरतलब है कि भारत-जापान औद्योगिक सहयोग के पिछले दौर — जैसे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर — में जापानी निवेश की वास्तविक आमद अपेक्षाओं से काफी कम रही है। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु की बात सराहनीय है, पर जापानी कंपनियाँ अंततः नीतिगत स्थिरता, श्रम कानून लचीलेपन और लाभ-प्रत्यावर्तन की सहजता पर निर्णय लेती हैं — इन बिंदुओं पर सम्मेलन में स्पष्टता की कमी खटकती है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 क्या है?
यह 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक द्विपक्षीय निवेश सम्मेलन है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। सम्मेलन का उद्देश्य जापान की तकनीकी क्षमता और यूपी के औद्योगिक स्केल को मिलाकर विकास का नया मॉडल तैयार करना है।
उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य कब तक हासिल करना चाहता है?
CM योगी आदित्यनाथ ने सम्मेलन में कहा कि उत्तर प्रदेश इस लक्ष्य की ओर मजबूती से अग्रसर है, हालाँकि उन्होंने कोई निश्चित वर्ष नहीं बताया। पिछले 9 वर्षों में जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में करीब तीन गुना वृद्धि को इस दिशा में प्रमुख उपलब्धि बताया गया।
यूपी में जापानी कंपनियों के लिए कौन-से क्षेत्र सबसे आकर्षक हैं?
CM योगी ने विनिर्माण, एमएसएमई, कौशल विकास, अनुसंधान एवं विकास, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और खाद्य प्रसंस्करण को प्रमुख अवसर क्षेत्र बताया। उत्तर प्रदेश के देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में करीब 21% योगदान को देखते हुए कृषि-आधारित उद्योगों में भी संभावनाएँ रेखांकित की गईं।
उत्तर प्रदेश का बुनियादी ढाँचा निवेशकों के लिए क्यों अनुकूल है?
प्रदेश में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60%, 17 हवाई अड्डे, सात शहरों में मेट्रो, देश की पहली रैपिड रेल और दो समर्पित माल गलियारे हैं। इसके साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक नेटवर्क और बढ़ता इलेक्ट्रॉनिक्स-सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र निवेशकों को वैश्विक स्तर की कनेक्टिविटी देता है।
भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंध यूपी से कैसे जुड़ते हैं?
CM योगी ने कहा कि दोनों देशों के संबंध बुद्ध की करुणा और मध्य मार्ग जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं। उत्तर प्रदेश में कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती और कुशीनगर जैसे विश्वप्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल हैं, जो जापानी बौद्ध अनुयायियों और पर्यटकों के लिए विशेष महत्त्व रखते हैं।
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