यूपी में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी: कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत का बड़ा दावा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने 3 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में बातचीत के दौरान दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की सरकार बनना तय है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की नीतियों पर प्रदेश की जनता का भरोसा बढ़ रहा है।
बसपा पर तीखा हमला
राजपूत ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद के बीच के संबंधों पर तंज कसते हुए इसे 'म्यूजिकल चेयर' के खेल से उपमा दी। उन्होंने कहा, "उस खेल में तीन कुर्सियाँ होती हैं और चार सदस्य — वह एक को हटाती हैं और दूसरे को बिठा देती हैं। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी को बर्बाद कर दिया है।"
राजपूत ने आरोप लगाया कि मायावती ने बहुजन आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 'बेचने' की कोशिश की। उनके अनुसार, बहुजन आंदोलन अब इंडिया गठबंधन के साथ अखिलेश यादव के नेतृत्व में अपनी नई राह पर आगे बढ़ चुका है।
यूपी कांग्रेस के नए नेतृत्व का स्वागत
आराधना मिश्रा 'मोना' के उत्तर प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाए जाने और इमरान मसूद के राज्य इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर राजपूत ने दोनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नए नेतृत्व के तहत पार्टी पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और अल्पसंख्यकों तक पहुँचेगी और गाँवों से लेकर शहरों तक संगठन को मज़बूत बनाएगी।
गौरतलब है कि यह संगठनात्मक फेरबदल उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर विचार
चुनाव पूर्व संगठनात्मक बदलाव के औचित्य पर राजपूत ने कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिए बिना किसी भी समाज के किसी वर्ग का उत्थान संभव नहीं है। उन्होंने महात्मा गांधी के सामाजिक उत्थान के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि यही सोच राहुल गांधी को भी प्रेरित करती है।
राजपूत ने जोड़ा, "राहुल गांधी इसी सोच के साथ आगे बढ़ते हैं कि देश का विकास सिर्फ कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अगर देश को तरक्की करनी है, तो सभी 140 करोड़ लोगों को एक साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा।"
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं और इंडिया गठबंधन अपने संगठनात्मक आधार को विस्तार देने में जुटा है। कांग्रेस के इस नए नेतृत्व और बसपा पर सीधे हमले को आने वाले महीनों में गठबंधन की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।