यूपी की सभी 403 सीटों पर इंडिया गठबंधन एकजुट: सुरेंद्र राजपूत का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 5 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन सभी 403 सीटों पर संयुक्त रूप से मैदान में उतरेगा। सीट बंटवारे का अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व — कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे — मिलकर करेंगे।
गठबंधन की रणनीति
राजपूत ने बताया कि उम्मीदवार किसी भी सहयोगी दल के चुनाव चिह्न पर चुनाव क्यों न लड़े, इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल उसे जिताने के लिए पूरी ताकत लगाएँगे। उनके अनुसार, फिलहाल सीटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण चुनावी जीत सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के भीतर मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों के चयन पर आपसी चर्चा होगी, और उसके बाद चुनाव चिह्न को लेकर सहमति बनाई जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और विपक्षी एकता की परीक्षा होनी है।
बसपा पर निशाना
राजपूत ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) और उसकी सुप्रीमो मायावती पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा 'म्यूजिकल चेयर' की राजनीति में तब्दील हो चुकी है और पार्टी को अपने संगठन तथा नेतृत्व से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, बहुजन मिशन अब बसपा से अलग होकर राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के साथ आ खड़ा हुआ है।
दिग्विजय सिंह की यात्रा का ज़िक्र
राजपूत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की यात्रा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वे उज्जैन से अयोध्या तक की यात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों पर चंदे और चढ़ावे के हिसाब-किताब की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह यात्रा राजनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुज़रती है।
कुंभ चढ़ावे पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने कुंभ मेले में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यदि करोड़ों श्रद्धालुओं में से प्रत्येक ने औसतन ₹200 का दान दिया हो, तो यह राशि हज़ारों करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है, जबकि बैंक में जमा बताई गई राशि इससे कम है। उन्होंने माँग की कि इस धनराशि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। उल्लेखनीय है कि इन आरोपों और आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आगे की राह
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन की यह घोषणा सीट बंटवारे की वार्ता को औपचारिक रूप देने की दिशा में पहला संकेत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गठबंधन की वास्तविक ताकत सीट-साझेदारी के अंतिम फॉर्मूले और जमीनी समन्वय पर निर्भर करेगी।