31 जुलाई 2026
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मायावती का विपक्ष पर पलटवार: 'बसपा में उम्मीदवार मैं तय करती हूँ, आकाश आनंद पर भ्रम न फैलाएँ'

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मायावती का विपक्ष पर पलटवार: 'बसपा में उम्मीदवार मैं तय करती हूँ, आकाश आनंद पर भ्रम न फैलाएँ'

सारांश

यूपी चुनाव से पहले मायावती ने दो टूक कहा — बसपा में उम्मीदवार वही तय करती हैं, आकाश आनंद नहीं। 2 दर्जन से अधिक उम्मीदवार फाइनल हो चुके हैं। विपक्ष और 'जातिवादी तत्वों' को भ्रम फैलाने से बाज़ आने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

मायावती ने 31 जुलाई 2026 को एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि बसपा में उम्मीदवारों का अंतिम फैसला केवल वही करती हैं।
लखनऊ में इंटरव्यू प्रक्रिया के ज़रिए अब तक लगभग 2 दर्जन से अधिक यूपी विधानसभा उम्मीदवार तय किए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद उनके दिशा-निर्देशन में जनसभाएँ कर रहे हैं; उनकी भूमिका पर फैल रहे भ्रम को मायावती ने निराधार बताया।
9 अक्टूबर 2025 को कांशीराम पुण्यतिथि महारैली में आकाश आनंद को संबोधन का अवसर दिया गया था।
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 'शरारती व जातिवादी तत्वों' से सावधान रहने की चेतावनी दी।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 31 जुलाई 2026 को विपक्षी दलों और तथाकथित 'जातिवादी तत्वों' पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी में उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार केवल उनके पास है। यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें चल रही थीं।

मायावती का सीधा संदेश

मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि लखनऊ स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में वे स्वयं कई राज्य-स्तरीय बड़ी बैठकें ले चुकी हैं और आगे भी ज़रूरत के अनुसार लेती रहेंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश व मंडल स्तरीय पदाधिकारियों के इंटरव्यू लेकर वे अब तक लगभग 2 दर्जन से अधिक उम्मीदवार तय कर चुकी हैं। शेष सभी सीटों पर भी उम्मीदवार उन्हीं के द्वारा चुने जाएँगे।

आकाश आनंद की भूमिका पर स्पष्टीकरण

बसपा प्रमुख ने कहा कि आकाश आनंद पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह ही उनके दिशा-निर्देशन में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, आनंद को पिछले लगभग एक वर्ष से पूरे देश में संगठन समीक्षा बैठकें और जनसभाएँ लेने के लिए भेजा जा रहा है — और वे पूरी ईमानदारी व निष्ठा से यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं, वहाँ उनकी अनुमति से ही वरिष्ठ पदाधिकारी जनसभाएँ कर उम्मीदवारों का ऐलान कर रहे हैं — और इसी क्रम में आकाश आनंद भी कुछ सीटों पर जनसभा करेंगे।

ऐतिहासिक संदर्भ

मायावती ने याद दिलाया कि 9 अक्टूबर 2025 को लखनऊ में मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित ऐतिहासिक महारैली में आकाश आनंद को संबोधन का अवसर दिया गया था। इससे पहले लोकसभा आम चुनाव में भी उन्हें यूपी समेत देश के अन्य राज्यों में चुनावी जनसभाएँ लेने के लिए भेजा गया था। उन्होंने कहा कि यह सब पार्टी की नियमित प्रक्रिया के तहत है और इसका आकाश आनंद के 'कद को बढ़ाने या घटाने' से कोई संबंध नहीं है।

विपक्ष और 'जातिवादी तत्वों' पर चेतावनी

बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि सोशल मीडिया पर आकाश आनंद के बारे में 'अनाप-शनाप बातें' करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के 'शरारती व जातिवादी तत्वों' से पार्टी के लोग हमेशा सावधान रहें। गौरतलब है कि यूपी चुनाव की आहट के साथ विपक्षी दल बसपा की आंतरिक स्थिति और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

आगे की राह

मायावती के इस बयान के बाद बसपा की चुनावी रणनीति पर नज़रें टिकी हैं। पार्टी के शेष उम्मीदवारों की घोषणा आने वाले हफ्तों में अपेक्षित है, और आकाश आनंद की जनसभाओं का कार्यक्रम भी तय किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन इस बार पार्टी के राष्ट्रीय भविष्य के लिए निर्णायक माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोचा-समझा राजनीतिक संकेत है — यह बताता है कि यूपी चुनाव से पहले बसपा के भीतर और बाहर, दोनों जगह नेतृत्व को लेकर दबाव बढ़ रहा है। आकाश आनंद को लेकर जो 'भ्रम' फैल रहा है, वह दरअसल विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा हो सकता है जो बसपा को उत्तराधिकार-विवाद में उलझाकर कमज़ोर करना चाहती है। दूसरी ओर, मायावती का '2 दर्जन से अधिक उम्मीदवार फाइनल' वाला दावा पार्टी की सक्रियता का संकेत है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि ये उम्मीदवार ज़मीनी समीकरणों में कितने मज़बूत हैं। बसपा 2022 के बाद से यूपी में अपनी प्रासंगिकता साबित करने की कोशिश में है — और इस बार मायावती का केंद्रीय नियंत्रण का संदेश उसी पुनर्निर्माण की कोशिश का हिस्सा है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायावती ने आकाश आनंद पर क्या स्पष्ट किया?
मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह ही उनके दिशा-निर्देशन में काम कर रहे हैं और उम्मीदवारों के चयन में उनकी कोई स्वतंत्र भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि इनके बारे में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातों में 'रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।'
बसपा में उम्मीदवार कैसे तय होते हैं?
बसपा प्रमुख मायावती के अनुसार, वे स्वयं प्रदेश व मंडल स्तरीय पदाधिकारियों का इंटरव्यू लेकर उम्मीदवार तय करती हैं। यह प्रक्रिया विधानसभा और लोकसभा — दोनों चुनावों में एकसमान रूप से अपनाई जाती है।
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए अब तक कितने बसपा उम्मीदवार तय हुए हैं?
मायावती के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक लखनऊ में लगभग 2 दर्जन से अधिक उम्मीदवार तय किए जा चुके हैं। शेष सीटों पर भी उम्मीदवारों की घोषणा उन्हीं के द्वारा की जाएगी।
मायावती ने किन तत्वों पर निशाना साधा और क्यों?
मायावती ने विपक्षी दलों और 'शरारती व जातिवादी तत्वों' पर निशाना साधा, जो उनके अनुसार आकाश आनंद की भूमिका को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब पार्टी को कमज़ोर करने की कोशिश है और कार्यकर्ताओं को इससे सावधान रहना चाहिए।
आकाश आनंद की बसपा में क्या भूमिका है?
आकाश आनंद बसपा के राष्ट्रीय संयोजक हैं और मायावती के निर्देश पर देश भर में संगठन समीक्षा बैठकें व चुनावी जनसभाएँ लेते हैं। 9 अक्टूबर 2025 को लखनऊ में कांशीराम पुण्यतिथि महारैली में उन्हें संबोधन का अवसर भी दिया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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