27 जुलाई 2026
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राजभर का दावा: यूपी में कांग्रेस अब सपा से 'बीस', 200 सीटों की मांग और दबंगई से करेगी

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राजभर का दावा: यूपी में कांग्रेस अब सपा से 'बीस', 200 सीटों की मांग और दबंगई से करेगी

सारांश

सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे निशाना बनाते हुए दावा किया कि यूपी में कांग्रेस अब सपा से 'बीस' हो चुकी है और 200 सीटों की माँग और दबंगई से करेगी। राहुल गांधी को 'बॉस' बताकर उन्होंने इंडिया गठबंधन की आंतरिक दरार को उजागर किया।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 27 जुलाई को एक्स पर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
राजभर का दावा — यूपी में कांग्रेस अब सपा से 'बीस', आगामी चुनाव में 200 सीटों की माँग और दबंगई से होगी।
राहुल गांधी को अखिलेश का 'बॉस' बताते हुए सार्वजनिक स्वीकृति की सलाह दी।
राजभर ने सपा के पीडीए और एमवाई समीकरण के कमज़ोर पड़ने का दावा किया।
अखिलेश को लंदन-पेरिस की बजाय आजमगढ़ और बौद्ध सर्किट पर ध्यान देने की नसीहत।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 27 जुलाई को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का प्रभाव अब सपा से अधिक हो गया है। राजभर के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 200 सीटों की माँग और अधिक दृढ़ता से रख सकती है, जिससे अखिलेश यादव के लिए इनकार करना मुश्किल होगा।

एक्स पर क्या लिखा राजभर ने

योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, 'अखिलेश यादव, हफ्ते भर से आप और आपके बॉस संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं। यह अच्छी बात नहीं है। सुझाव है कि आज अपने सांसदों से तो कहिए ही कि सदन चलने दें, अपने बॉस राहुल जी से भी थोड़ा रिक्वेस्ट कर लीजिएगा।' उन्होंने यह भी लिखा कि 'आजकल आपके बॉस राहुल जी बार-बार दिखा रहे हैं कि बॉस आखिर बॉस ही होता है।'

कांग्रेस-सपा गठबंधन पर निशाना

राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अखिलेश यादव का 'बॉस' बताते हुए व्यंग्य किया कि अखिलेश को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लेना चाहिए कि राहुल गांधी उनके 'ब्लॉक में बड़के भैया' हैं। उन्होंने दावा किया कि 'कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में आपसे बीस है और आप उन्नीस रह गए हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के भीतर सीट-बँटवारे को लेकर तनाव की खबरें आती रही हैं।

पीडीए और एमवाई समीकरण पर सवाल

राजभर ने सपा के राजनीतिक आधार पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 'पीडीए आपके हाथ से पहले ही निकल गया है। अब एमवाई समीकरण का 'एम' यानी मुस्लिमों का भी मूड बदल चुका है। आपके किसी दांव में अब मुसलमानों को दम नहीं दिख रहा है।' गौरतलब है कि सपा की चुनावी रणनीति परंपरागत रूप से मुस्लिम-यादव (एमवाई) और पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) समीकरण पर टिकी रही है।

अखिलेश को 'जमीन पर आने' की सलाह

सुभासपा अध्यक्ष ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे 'एक्स और एसी-पीसी छोड़कर जमीन पर आएँ, ड्रामा की बजाय काम करें।' उन्होंने यह भी कहा कि 'लंदन-पेरिस घूमने की बजाय उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट का दौरा करें और दिल्ली की बजाय आजमगढ़ के गैर-यादव समाज पर ध्यान दें।' यह पहली बार नहीं है जब राजभर ने सपा नेतृत्व को इस तरह आड़े हाथों लिया हो — हाल के महीनों में वे जातीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक रणनीति पर लगातार सपा की आलोचना करते रहे हैं।

राजनीतिक संदर्भ

राजभर के ये बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच बढ़ती खाई को रेखांकित करते हैं। आलोचकों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा इस तरह के बयान विपक्षी एकता में दरार डालने की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की सीट-साझेदारी का मसला और पेचीदा होता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और राजभर ने ठीक उसी पर उँगली रखी है। दिलचस्प यह है कि यह बयान सत्तारूढ़ दल के एक सहयोगी से आया है — जो खुद अपनी पार्टी की सौदेबाज़ी क्षमता को भी परोक्ष रूप से रेखांकित करता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे केवल 'राजनीतिक बयानबाज़ी' मान सकती है, लेकिन यूपी के जातीय समीकरणों पर इसका दीर्घकालिक असर नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं होगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने दावा किया कि यूपी में कांग्रेस अब सपा से 'बीस' हो गई है और आगामी विधानसभा चुनाव में 200 सीटों की माँग और दबंगई से करेगी। उन्होंने राहुल गांधी को अखिलेश का 'बॉस' बताते हुए सार्वजनिक स्वीकृति की नसीहत दी।
राजभर ने यह बयान कहाँ और कब दिया?
सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 27 जुलाई को सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह पोस्ट किया। उन्होंने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए संसद की कार्यवाही बाधित करने पर भी सवाल उठाए।
पीडीए और एमवाई समीकरण पर राजभर ने क्या कहा?
राजभर ने दावा किया कि सपा का पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) आधार पहले ही कमज़ोर हो चुका है और एमवाई समीकरण में 'एम' यानी मुस्लिम मतदाताओं का मूड भी बदल गया है। उनके अनुसार, सपा के किसी भी दाँव में अब मुस्लिम समुदाय को दम नहीं दिख रहा।
क्या राजभर पहले भी अखिलेश यादव पर हमला करते रहे हैं?
हाँ, हाल के महीनों में राजभर लगातार सपा नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं — जातीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक रणनीति पर। इस बार उन्होंने कांग्रेस-सपा संबंधों और इंडिया गठबंधन की आंतरिक दरार को निशाना बनाया है।
इस बयान का यूपी की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
आलोचकों का कहना है कि यह बयान इंडिया गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे की बेचैनी को और गहरा कर सकता है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की बढ़ती दावेदारी सपा के लिए गठबंधन प्रबंधन की चुनौती बन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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