राजभर का दावा: यूपी में कांग्रेस अब सपा से 'बीस', 200 सीटों की मांग और दबंगई से करेगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 27 जुलाई को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का प्रभाव अब सपा से अधिक हो गया है। राजभर के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 200 सीटों की माँग और अधिक दृढ़ता से रख सकती है, जिससे अखिलेश यादव के लिए इनकार करना मुश्किल होगा।
एक्स पर क्या लिखा राजभर ने
योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, 'अखिलेश यादव, हफ्ते भर से आप और आपके बॉस संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं। यह अच्छी बात नहीं है। सुझाव है कि आज अपने सांसदों से तो कहिए ही कि सदन चलने दें, अपने बॉस राहुल जी से भी थोड़ा रिक्वेस्ट कर लीजिएगा।' उन्होंने यह भी लिखा कि 'आजकल आपके बॉस राहुल जी बार-बार दिखा रहे हैं कि बॉस आखिर बॉस ही होता है।'
कांग्रेस-सपा गठबंधन पर निशाना
राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अखिलेश यादव का 'बॉस' बताते हुए व्यंग्य किया कि अखिलेश को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लेना चाहिए कि राहुल गांधी उनके 'ब्लॉक में बड़के भैया' हैं। उन्होंने दावा किया कि 'कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में आपसे बीस है और आप उन्नीस रह गए हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के भीतर सीट-बँटवारे को लेकर तनाव की खबरें आती रही हैं।
पीडीए और एमवाई समीकरण पर सवाल
राजभर ने सपा के राजनीतिक आधार पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 'पीडीए आपके हाथ से पहले ही निकल गया है। अब एमवाई समीकरण का 'एम' यानी मुस्लिमों का भी मूड बदल चुका है। आपके किसी दांव में अब मुसलमानों को दम नहीं दिख रहा है।' गौरतलब है कि सपा की चुनावी रणनीति परंपरागत रूप से मुस्लिम-यादव (एमवाई) और पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) समीकरण पर टिकी रही है।
अखिलेश को 'जमीन पर आने' की सलाह
सुभासपा अध्यक्ष ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे 'एक्स और एसी-पीसी छोड़कर जमीन पर आएँ, ड्रामा की बजाय काम करें।' उन्होंने यह भी कहा कि 'लंदन-पेरिस घूमने की बजाय उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट का दौरा करें और दिल्ली की बजाय आजमगढ़ के गैर-यादव समाज पर ध्यान दें।' यह पहली बार नहीं है जब राजभर ने सपा नेतृत्व को इस तरह आड़े हाथों लिया हो — हाल के महीनों में वे जातीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक रणनीति पर लगातार सपा की आलोचना करते रहे हैं।
राजनीतिक संदर्भ
राजभर के ये बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच बढ़ती खाई को रेखांकित करते हैं। आलोचकों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा इस तरह के बयान विपक्षी एकता में दरार डालने की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की सीट-साझेदारी का मसला और पेचीदा होता जा रहा है।