सपा सांसद अवधेश प्रसाद का बड़ा आरोप: राम मंदिर घोटाले को दबा रही है सरकार, 'प्रभु राम माफ नहीं करेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 9 अगस्त को अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — उनका कहना था कि राम मंदिर ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए वित्तीय अनियमितताओं के मामले को जानबूझकर दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन, झारखंड विरोध और इंडिया गठबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार का रवैया जनविरोधी है।
राम मंदिर घोटाले पर सीधा हमला
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में 'इतना घोटाला हुआ है जिसे गिना ही नहीं जा सकता'। उन्होंने कहा, 'इस मामले को सरकार दबाने की कोशिश कर रही है। सरकार की ओर से भले ही दबा दिया जाए, लेकिन प्रभु श्री राम माफ नहीं करेंगे।' उन्होंने तुलसीदास की पंक्ति उद्धृत की — 'जब-जब होइ धरम कै हानी। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी॥'
सपा सांसद ने कहा कि अयोध्या और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की पावन धरती को कलंकित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल 'राम के नाम पर व्यापार' कर रहा है, जबकि मंदिर का निर्माण न्यायालय के आदेश से हुआ है।
छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर लाठीचार्ज
देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर लाखों छात्र एकत्रित हुए थे, जिन पर लाठियाँ चलाई गईं। उन्होंने बताया कि इस घटना में सपा नेता डिंपल यादव के हाथ में भी चोट आई और अखिलेश यादव तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा, 'जब-जब देश के छात्रों ने अगुवाई की है, तब-तब सत्ता बदली है। आपातकाल के वक्त छात्र सड़कों पर आ गए थे और सत्ता का परिवर्तन हुआ था।' उन्होंने यह भी कहा कि नकल विरोधी अध्यादेश पर सदन में चर्चा के दौरान न प्रधानमंत्री, न गृह मंत्री सदन में मौजूद थे।
झारखंड छात्र विरोध पर सपा का रुख
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन पर प्रसाद ने कहा कि सरकार समस्या का समाधान नहीं करना चाहती। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव झारखंड के छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी लड़ाई लड़ेंगे।
इंडिया गठबंधन और राहुल गांधी का प्रयागराज कार्यक्रम
प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम पर प्रसाद ने कहा कि इंडिया गठबंधन बेरोज़गारी, अन्याय और अत्याचार दूर करने के लिए बना है और इसमें कोई दरार नहीं डाल सकता। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 'छात्रों को गुमराह' वाले बयान को उन्होंने सिरे से खारिज किया — 'कोई भी छात्र गुमराह नहीं है। छात्रों का गौरवशाली इतिहास रहा है।'
आगे क्या होगा
विपक्ष की माँग है कि गृह मंत्री सदन में आकर छात्रों पर लाठीचार्ज और हिरासत के मामले पर जवाब दें। अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार सदन नहीं चलने देना चाहती — यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है। राम मंदिर ऑडिट मामले में आगे की कानूनी या संसदीय कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।