नीट पेपर लीक पर कीर्ति आजाद का केंद्र पर हमला: 'बच्चे देश का भविष्य, इनके आगे झुकना चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने 25 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की पीड़ा को वह गंभीरता नहीं दे रही जिसकी वे हकदार हैं, और देश के भविष्य के प्रति जवाबदेही से मुँह नहीं मोड़ा जा सकता।
छात्रों के पक्ष में मुखर हुए कीर्ति आजाद
आजाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'ये इस देश के बच्चे हैं। ये विदेश से नहीं आए हैं और न ही कोई घुसपैठिए हैं। जिनके बच्चे विदेश में पढ़े हैं, उन्हें दूसरे लोगों के बच्चों पर तंज नहीं कसना चाहिए।' उनका यह बयान उन नेताओं पर सीधा निशाना माना जा रहा है जिन्होंने आंदोलनकारी छात्रों की आलोचना की थी।
उन्होंने आगे कहा, 'आपके बच्चों ने विदेश में पढ़ाई की, यह अच्छी बात है और किसी को इससे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन लोग यह नहीं जानना चाहते कि आपने विदेशी मुद्रा कहाँ से लाई या पढ़ाई के लिए पैसे कैसे जुटाए। आप में से कई लोग ऐसे थे, जो कभी मेरे घर के बाहर आकर बैठते थे, जब उनके पास 10 रुपए तक नहीं होते थे — आज वही लोग दूसरे लोगों के बच्चों पर उंगली उठा रहे हैं।'
गरीब परिवारों की पीड़ा का हवाला
TMC सांसद ने बताया कि लाखों गरीब परिवारों ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए गहने गिरवी रखे, जमीनें बेचीं और भारी कुर्बानियाँ दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की तकलीफों का मजाक बनाना न केवल असंवेदनशीलता है, बल्कि उन बच्चों के साथ घोर अन्याय भी है जिन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद नीट जैसी परीक्षा दी।
शिक्षा मंत्री और दिल्ली पुलिस पर सवाल
आजाद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि इस पूरे मामले में उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए और माँग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल लगातार नीट परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।
सरकार की जवाबदेही पर जोर
आजाद ने अपना बयान इन शब्दों में समाप्त किया: 'ये बच्चे देश का भविष्य हैं। अगर इनके सामने झुकना पड़े, तो झुक जाना चाहिए। उनकी बात सुननी चाहिए और उनके भविष्य की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।' गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश पैदा किया है, और यह मामला संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह गर्माया हुआ है।