25 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक पर कीर्ति आजाद का केंद्र पर हमला: 'बच्चे देश का भविष्य, इनके आगे झुकना चाहिए'

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नीट पेपर लीक पर कीर्ति आजाद का केंद्र पर हमला: 'बच्चे देश का भविष्य, इनके आगे झुकना चाहिए'

सारांश

नीट पेपर लीक पर TMC सांसद कीर्ति आजाद का केंद्र पर सीधा हमला — गरीब परिवारों की कुर्बानियों का हवाला देते हुए कहा कि छात्रों की पीड़ा का मजाक बनाने वाले पहले अपना गिरेबान देखें। शिक्षा मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी उठाए सवाल।

मुख्य बातें

TMC सांसद कीर्ति आजाद ने 25 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।
आजाद ने कहा कि गरीब परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए गहने गिरवी रखे और जमीनें बेचीं — उनकी पीड़ा का मजाक नहीं बनना चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की माँग की।
छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए, निष्पक्ष समीक्षा की माँग की।
कहा: 'ये बच्चे देश का भविष्य हैं — इनके सामने झुकना पड़े तो झुक जाना चाहिए।'

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने 25 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की पीड़ा को वह गंभीरता नहीं दे रही जिसकी वे हकदार हैं, और देश के भविष्य के प्रति जवाबदेही से मुँह नहीं मोड़ा जा सकता।

छात्रों के पक्ष में मुखर हुए कीर्ति आजाद

आजाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'ये इस देश के बच्चे हैं। ये विदेश से नहीं आए हैं और न ही कोई घुसपैठिए हैं। जिनके बच्चे विदेश में पढ़े हैं, उन्हें दूसरे लोगों के बच्चों पर तंज नहीं कसना चाहिए।' उनका यह बयान उन नेताओं पर सीधा निशाना माना जा रहा है जिन्होंने आंदोलनकारी छात्रों की आलोचना की थी।

उन्होंने आगे कहा, 'आपके बच्चों ने विदेश में पढ़ाई की, यह अच्छी बात है और किसी को इससे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन लोग यह नहीं जानना चाहते कि आपने विदेशी मुद्रा कहाँ से लाई या पढ़ाई के लिए पैसे कैसे जुटाए। आप में से कई लोग ऐसे थे, जो कभी मेरे घर के बाहर आकर बैठते थे, जब उनके पास 10 रुपए तक नहीं होते थे — आज वही लोग दूसरे लोगों के बच्चों पर उंगली उठा रहे हैं।'

गरीब परिवारों की पीड़ा का हवाला

TMC सांसद ने बताया कि लाखों गरीब परिवारों ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए गहने गिरवी रखे, जमीनें बेचीं और भारी कुर्बानियाँ दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की तकलीफों का मजाक बनाना न केवल असंवेदनशीलता है, बल्कि उन बच्चों के साथ घोर अन्याय भी है जिन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद नीट जैसी परीक्षा दी।

शिक्षा मंत्री और दिल्ली पुलिस पर सवाल

आजाद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि इस पूरे मामले में उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए और माँग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल लगातार नीट परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।

सरकार की जवाबदेही पर जोर

आजाद ने अपना बयान इन शब्दों में समाप्त किया: 'ये बच्चे देश का भविष्य हैं। अगर इनके सामने झुकना पड़े, तो झुक जाना चाहिए। उनकी बात सुननी चाहिए और उनके भविष्य की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।' गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश पैदा किया है, और यह मामला संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह गर्माया हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल केवल एक पर्चे का नहीं, पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता का है। शिक्षा मंत्री की 'नैतिक जिम्मेदारी' की माँग राजनीतिक दबाव है, लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या सरकार जाँच को स्वतंत्र और पारदर्शी बनाएगी — या यह विवाद भी पिछले परीक्षा घोटालों की तरह बिना जवाबदेही के दब जाएगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कीर्ति आजाद ने नीट पेपर लीक पर क्या कहा?
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की पीड़ा को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों ने गहने गिरवी रखकर और जमीनें बेचकर बच्चों को पढ़ाया है, और उनकी तकलीफों का मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए।
कीर्ति आजाद ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर क्या आरोप लगाए?
आजाद ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की माँग की।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने 2026 में देशव्यापी विवाद खड़ा किया। लाखों छात्र और उनके परिवार सड़कों पर उतरे, जबकि विपक्षी दलों ने सरकार से जवाब माँगा।
दिल्ली पुलिस की भूमिका पर क्या सवाल उठे?
कीर्ति आजाद ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
TMC ने नीट मामले में केंद्र से क्या माँग की है?
तृणमूल कांग्रेस ने माँग की है कि सरकार छात्रों की बात सुने, पूरे नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराए और शिक्षा मंत्री अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें।
राष्ट्र प्रेस
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