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टीएमसी के 20 बागी सांसदों की सदस्यता रद्द हो, हिम्मत है तो इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें: अधीर रंजन चौधरी

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टीएमसी के 20 बागी सांसदों की सदस्यता रद्द हो, हिम्मत है तो इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें: अधीर रंजन चौधरी

सारांश

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने TMC के 20 बागी सांसदों को खुली चुनौती दी — सदस्यता रद्द हो और BJP से दोस्ती करनी है तो पहले इस्तीफा दें, फिर जनता से जनादेश लें। मुर्शिदाबाद के तीन सांसदों को उन्होंने सीधे 'नैतिक अपराधी' करार दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 25 अगस्त को मुर्शिदाबाद में TMC के 20 बागी सांसदों की संसद सदस्यता रद्द करने की माँग की।
चौधरी ने कहा कि इन सांसदों ने अपनी पार्टी से 'गद्दारी' की है — यह 'नैतिक अपराध' है।
20 बागी सांसदों में से 3 मुर्शिदाबाद जिले के हैं।
उन्होंने चुनौती दी कि BJP से गठजोड़ चाहिए तो पहले पद से इस्तीफा दें और दोबारा चुनाव जीतकर दिखाएँ।
मुर्शिदाबाद में कांग्रेस का सदस्यता अभियान जारी; पार्टी ने एक सदस्य के विरुद्ध एफआईआर की शिकायत को जाँच में निराधार पाया।
SIR मामले की धीमी न्यायिक प्रक्रिया पर भी चौधरी ने न्यायालय से तेज सुनवाई का आग्रह किया।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 25 अगस्त को मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों पर कड़ा प्रहार करते हुए माँग की कि उनकी संसद सदस्यता तत्काल रद्द की जाए। उन्होंने सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि इन सांसदों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से गठजोड़ करना ही है, तो पहले अपने पद से इस्तीफा दें और जनता के सामने दोबारा चुनाव लड़कर जनादेश हासिल करें।

मुख्य आरोप और चुनौती

चौधरी ने कहा, 'इन 20 सांसदों ने अपनी पार्टी से गद्दारी की है और उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। दम है, तो वे लोग फिर से मैदान में उतरें और दोबारा चुनाव लड़ें।' उन्होंने विशेष रूप से मुर्शिदाबाद जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि इन 20 सांसदों में से तीन उनके अपने जिले से हैं, और यह कृत्य नैतिक अपराध की श्रेणी में आता है।

उन्होंने आगे कहा, 'अगर BJP के साथ दोस्ती करने की जरूरत पड़ी, तो चुनाव के मैदान में उतरिए और फिर से जीतकर पार्टी में शामिल हो जाइए। ये जो आपने किया, वो नैतिक अपराध है। अगर नीयत है तो सीधा अपने पद से इस्तीफा देकर मैदान में उतरिए।'

मुर्शिदाबाद में कांग्रेस का संगठन विस्तार

कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में चौधरी ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले में सदस्यता अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में बंगाल के एक विधायक और वे स्वयं उपस्थित थे, जिन्हें स्थानीय ब्लॉक अध्यक्ष और पार्टी उम्मीदवारों ने आमंत्रित किया था।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में शामिल होने वाले एक व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर की शिकायत आई थी, लेकिन जाँच में पाया गया कि उस व्यक्ति का न किसी एफआईआर में नाम है और न किसी सीआईडी जाँच में। उन्होंने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा, चाहे कोई भी कांग्रेस की छवि धूमिल करने की कोशिश करे।

एसआईआर मामले पर न्यायिक प्रक्रिया पर चिंता

अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में विशेष जाँच रिपोर्ट (SIR) की सुनवाई की धीमी गति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमान दोनों समुदायों को इस प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने न्यायालय से आग्रह किया कि यदि इसी रफ्तार से मामला चलता रहा, तो एक केस को सुलझाने में वर्षों लग जाएँगे।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव लंबे समय से चला आ रहा है। TMC के भीतर असंतोष और बागी सांसदों की गतिविधियाँ राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारियाँ जोरों पर हैं और सभी दल अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं। चौधरी का यह बयान कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें वह TMC के भीतरी विरोधाभासों को उजागर कर अपनी प्रासंगिकता स्थापित करना चाहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कांग्रेस की असली परीक्षा यह है कि वह इस असंतोष को अपने पक्ष में कितना भुना पाती है। मुर्शिदाबाद में सदस्यता अभियान और स्थानीय स्तर पर जमीन तैयार करने की कोशिश बताती है कि कांग्रेस बंगाल में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है — लेकिन इसके लिए केवल TMC की आलोचना पर्याप्त नहीं होगी।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधीर रंजन चौधरी ने TMC के बागी सांसदों पर क्या माँग रखी?
अधीर रंजन चौधरी ने माँग की कि TMC के 20 बागी सांसदों की संसद सदस्यता तत्काल रद्द की जाए। उन्होंने कहा कि यदि ये सांसद BJP से गठजोड़ चाहते हैं, तो पहले अपने पद से इस्तीफा दें और दोबारा चुनाव लड़कर जनादेश हासिल करें।
TMC के कितने बागी सांसद मुर्शिदाबाद से हैं?
अधीर रंजन चौधरी के अनुसार, TMC के 20 बागी सांसदों में से 3 मुर्शिदाबाद जिले से हैं। उन्होंने इन्हें 'नैतिक अपराधी' करार दिया।
मुर्शिदाबाद में कांग्रेस का सदस्यता अभियान क्यों चर्चा में है?
मुर्शिदाबाद में कांग्रेस के सदस्यता अभियान के दौरान एक नए सदस्य के विरुद्ध एफआईआर की शिकायत आई थी। चौधरी ने बताया कि जाँच में उस व्यक्ति का न किसी एफआईआर में नाम मिला और न किसी सीआईडी जाँच में, इसलिए अभियान जारी रहेगा।
SIR मामले पर अधीर रंजन चौधरी ने क्या कहा?
चौधरी ने पश्चिम बंगाल में SIR मामले की सुनवाई की धीमी गति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमान दोनों समुदायों को इस प्रक्रिया में दिक्कतें हो रही हैं और इसी रफ्तार से चलता रहा तो एक केस सुलझाने में वर्षों लग जाएँगे।
TMC के बागी सांसदों का मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति को कैसे प्रभावित करता है?
TMC के 20 सांसदों का बागी रुख पार्टी के भीतरी असंतोष को उजागर करता है, खासकर कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारियों के बीच। यह विवाद BJP और TMC के बीच के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है, जबकि कांग्रेस इस स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश में है।
राष्ट्र प्रेस
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