राम मंदिर दान घोटाले की जांच: यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नई एसआईटी का गठन किया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक नई तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। इस पुनर्गठित एसआईटी की कमान आईजी किरण एस को सौंपी गई है, जो एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं।
नई एसआईटी का गठन और संरचना
नवगठित एसआईटी में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को भी शामिल किया गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जांच की बागडोर एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के हाथों में हो। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट 27 जुलाई को प्रस्तुत की जाए।
अब तक की जांच और गिरफ्तारियाँ
अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के सिलसिले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान टीम ने नकदी, वाहन, निवेश से जुड़े दस्तावेज़ और अन्य संपत्तियाँ बरामद की हैं, जिन्हें कथित तौर पर गबन किए गए धन से अर्जित किया गया था। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर की प्रतिष्ठा और प्रशासनिक पारदर्शिता पर देशभर में नज़रें टिकी हैं।
ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव
22 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर समिति की एक विशेष बैठक में अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन का निर्णय लगभग एक माह के लिए स्थगित कर दिया। हालाँकि, मंदिर के संचार को सुव्यवस्थित करने के लिए एक प्रवक्ता की नियुक्ति की गई। इसी बैठक में पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया गया।
धार्मिक समिति का पुनर्गठन
ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और धार्मिक रीति-रिवाजों में परंपरागत प्रामाणिकता बनाए रखने के उद्देश्य से अपनी धार्मिक समिति का भी पुनर्गठन किया। नई नौ सदस्यीय धार्मिक समिति में जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीपति श्री वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, माधवापीठाधीपति स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज, स्वामी युगपुरुष परमानंद जी, स्वामी दिनेन्द्रदास जी (निर्मोही अखाड़ा), स्वामी कमल नयनदास जी (मणिराम छावनी), महंत राजकुमार दास जी (रामावल्लभ कुंज), स्वामी रामानंद दास जी (राम कथा कुंज) और स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण जी शामिल हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था अटूट
गबन विवाद के बीच मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर की नई तस्वीरें जारी कीं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोज़ाना मंदिर पहुँचकर रामलला का आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं। आगे की जांच और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई एसआईटी इस प्रकरण में कितनी जल्दी और पारदर्शिता से निष्कर्ष तक पहुँचती है।