10 अगस्त 2026
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दिल्ली साइकिल घोटाला: 'आप' विधायक साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे, शिक्षा मंत्री आशीष सूद का इस्तीफा माँगा

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दिल्ली साइकिल घोटाला: 'आप' विधायक साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे, शिक्षा मंत्री आशीष सूद का इस्तीफा माँगा

सारांश

दिल्ली में 'आप' विधायकों ने साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचकर BJP सरकार पर कथित ₹90 करोड़ के साइकिल घोटाले का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि ₹4,200 की साइकिल सरकारी खरीद में ₹6,957 में ली गई — और शिक्षा मंत्री आशीष सूद का इस्तीफा माँगा गया।

मुख्य बातें

'आप' के विधायक 10 अगस्त 2026 को साइकिल चलाकर दिल्ली विधानसभा पहुंचे और कथित साइकिल घोटाले का विरोध जताया।
आरोप है कि सरकार ने 1.30 लाख साइकिलें प्रति साइकिल ₹6,957 में खरीदीं, जबकि बाज़ार में वही साइकिल ₹4,200 में उपलब्ध है।
'आप' का दावा है कि प्रति साइकिल लगभग ₹3,000 के अंतर से कुल ₹90 करोड़ का कथित घोटाला हुआ।
सौरभ भारद्वाज ने 'बोनफायर' और 'स्काइलर' मॉडल की तुलना कर दोनों साइकिलों को एक जैसा बताया।
विधायक संजीव झा ने हीरो साइकिल को टेंडर न देकर एक व्यापारी को ठेका देने पर सवाल उठाया।
'आप' ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद का इस्तीफा माँगा और खरीद प्रक्रिया की निष्पक्ष जाँच की माँग की।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने 10 अगस्त 2026 को दिल्ली सरकार पर स्कूली छात्राओं के लिए खरीदी गई साइकिलों में कथित ₹90 करोड़ के घोटाले का गंभीर आरोप लगाया। विरोध-प्रदर्शन के प्रतीकात्मक अंदाज़ में 'आप' के नेता और विधायक स्वयं साइकिल चलाकर दिल्ली विधानसभा पहुंचे और शिक्षा मंत्री आशीष सूद के तत्काल इस्तीफे की माँग करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के विरुद्ध नारेबाज़ी की।

मुख्य आरोप: प्रति साइकिल ₹3,000 का अंतर

'आप' दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने विधायकों के इस अनोखे मार्च का नेतृत्व किया। उनके अनुसार, दिल्ली सरकार ने छात्राओं को वितरण के लिए 1.30 लाख साइकिलें खरीदी हैं और प्रत्येक साइकिल पर ₹6,957 का भुगतान किया गया। इसके विपरीत, 'आप' नेताओं ने दावा किया कि उन्होंने बाज़ार से लगभग ₹4,200 में इसी तरह की साइकिल खरीदकर विधानसभा तक पहुंचाई।

भारद्वाज ने बताया कि 'आप' द्वारा खरीदी गई साइकिल पर 'बोनफायर' मॉडल का नाम अंकित है, जबकि सरकार द्वारा छात्राओं को दी जा रही साइकिल पर 'स्काइलर' नाम लिखा है। उनका दावा है कि दोनों साइकिलें मूलतः एक जैसी हैं और दोनों को विधानसभा में आमने-सामने रखकर मिलान किया जा सकता है।

विधायकों के आरोप और सवाल

बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर में हीरो साइकिल कंपनी भी शामिल थी, लेकिन ठेका एक व्यापारी को दिया गया। झा के अनुसार, यदि कोई व्यापारी निर्माता कंपनी से भी कम कीमत पर साइकिल उपलब्ध करा रहा था, तो पूरी खरीद प्रक्रिया की जाँच अनिवार्य है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के मंत्रालय पर करोड़ों रुपए के कथित कमीशन का आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की माँग की।

कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि प्रति साइकिल लगभग ₹3,000 के अंतर के हिसाब से 1.30 लाख साइकिलों की खरीद में सरकारी खज़ाने को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अतिरिक्त राशि आखिर किसकी जेब में गई।

तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि इस अतिरिक्त रकम से और अधिक साइकिलें खरीदी जा सकती थीं, जिससे बड़ी संख्या में अन्य छात्राओं को भी लाभ मिल सकता था।

व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप

'आप' नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि BJP सरकार के कार्यकाल में दवा, अस्पताल के बेड, बेडशीट और चावल की खरीद में भी कथित अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। उनके अनुसार, साइकिल खरीद इसी कथित भ्रष्टाचार की श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब दिल्ली में हाल ही में सत्ता परिवर्तन हुआ है और 'आप' मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है।

विपक्ष की माँग

'आप' ने विधानसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की माँग की है। पार्टी चाहती है कि सरकार खरीद प्रक्रिया, टेंडर, कीमत और भुगतान का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करे। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जाँच कराने पर भी ज़ोर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह गर्म रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 'आप' की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह सत्ता से बाहर होने के बावजूद जनता के बीच प्रासंगिक बने रहना चाहती है — और साइकिल जैसा प्रतीकात्मक विरोध इसके लिए सटीक माध्यम है। हालाँकि, आरोपों की विश्वसनीयता तब तक सीमित रहेगी जब तक टेंडर दस्तावेज़, तकनीकी विशिष्टताएँ और भुगतान रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं होते — क्योंकि 'बोनफायर' और 'स्काइलर' मॉडल के बीच तकनीकी अंतर की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। BJP सरकार की चुप्पी इस विवाद को और हवा दे रही है। असली सवाल यह है कि क्या विधानसभा में इस मुद्दे पर पारदर्शी जाँच होगी, या यह महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली साइकिल घोटाला क्या है?
दिल्ली सरकार द्वारा स्कूली छात्राओं के लिए खरीदी गई 1.30 लाख साइकिलों में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला है। 'आप' का आरोप है कि ₹4,200 में बाज़ार में उपलब्ध साइकिल सरकारी खरीद में ₹6,957 में ली गई, जिससे कथित तौर पर ₹90 करोड़ का नुकसान हुआ।
'आप' ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद का इस्तीफा क्यों माँगा?
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि शिक्षा मंत्री आशीष सूद के मंत्रालय की देखरेख में हुई साइकिल खरीद में करोड़ों रुपए का कथित कमीशन लिया गया। पार्टी ने जवाबदेही तय करने और मामले की जाँच के लिए उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की है।
टेंडर प्रक्रिया में क्या अनियमितता का आरोप है?
विधायक संजीव झा का आरोप है कि टेंडर में हीरो साइकिल कंपनी भी शामिल थी, लेकिन ठेका एक व्यापारी को दिया गया। उनके अनुसार, यदि कोई व्यापारी निर्माता कंपनी से भी कम कीमत पर साइकिल उपलब्ध करा रहा था, तो पूरी प्रक्रिया संदिग्ध है।
'बोनफायर' और 'स्काइलर' साइकिल में क्या अंतर है?
'आप' प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के अनुसार, 'आप' द्वारा बाज़ार से खरीदी गई साइकिल पर 'बोनफायर' और सरकार द्वारा छात्राओं को दी जा रही साइकिल पर 'स्काइलर' नाम अंकित है। उनका दावा है कि दोनों मूलतः एक जैसी हैं और केवल कीमत तथा मॉडल के नाम में अंतर है — हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
'आप' आगे क्या कदम उठाएगी?
पार्टी ने विधानसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने और सरकार से खरीद प्रक्रिया, टेंडर, कीमत व भुगतान का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की माँग की है। साथ ही मामले की निष्पक्ष जाँच की भी माँग की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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