सौरभ भारद्वाज का आरोप: सीएम ने साइकिलें अपने नाम पर बांटकर जनता को किया गुमराह
सारांश
Key Takeaways
- सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- आरबीएल बैंक की साइकिलें छात्राओं को दी गई थीं।
- कन्या पूजन के अवसर पर यह घटना हुई है।
- महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए यह महत्वपूर्ण है।
- पार्टी नेतृत्व को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत प्राप्त साइकिलों को अपने नाम से बांटकर जनता को गुमराह किया है। उनका दावा है कि आरबीएल बैंक द्वारा स्कूली छात्राओं के लिए प्रदान की गई साइकिलों पर मुख्यमंत्री ने अपना नाम और तस्वीर लगाकर उन्हें 'अपनी ओर से' देने का झूठा दावा किया।
सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि यह मामला न केवल धोखाधड़ी का है, बल्कि यह सार्वजनिक विश्वास के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने नवरात्रि के पावन अवसर पर कन्या पूजन जैसी गतिविधियों के दौरान इस प्रकार की हरकत को अत्यंत शर्मनाक बताया। उन्होंने बताया कि आमतौर पर लोग कन्या पूजन के समय अपनी सामर्थ्यानुसार कन्याओं को भोजन और उपहार देते हैं, लेकिन किसी अन्य संस्था द्वारा प्रदान की गई वस्तुओं को अपने नाम से बांटना पहले कभी नहीं देखा गया।
उन्होंने यह आरोप लगाया कि आरबीएल बैंक ने अपनी सीएसआर योजना के तहत इन साइकिलों को सरकार को उपलब्ध कराया था, जिन्हें छात्राओं में वितरण किया जाना था। लेकिन सीएम रेखा गुप्ता ने उन साइकिलों पर अपना नाम और तस्वीर चिपकाकर यह दिखाने का प्रयास किया कि वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से बांट रही हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये साइकिलें सरकार की ओर से नहीं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत ओर से दी जा रही हैं। 'आप' के नेता ने कहा कि आरबीएल बैंक पिछले कई वर्षों से दिल्ली और पंजाब में छात्राओं को साइकिलें वितरित करता रहा है, जो उनकी सीएसआर जिम्मेदारियों का हिस्सा है। ऐसे में इस प्रकार का श्रेय लेना पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने इस पूरे प्रकरण को 'धोखा, छल और बेईमानी' करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस मामले में संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे नेताओं को पार्टी में क्यों शामिल किया जा रहा है और उनकी जवाबदेही क्या है।