दिल्ली बस रेप: हरीश रावत ने यूपी-दिल्ली सरकार को घेरा, कहा — 'दोनों सरकारों की विफलता'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली में एक बस में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए कथित बलात्कार की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार के साथ-साथ दोनों राज्यों की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस घटना को 'बेहद शर्मनाक' करार देते हुए कहा कि यह दोनों सरकारों की साफ विफलता है। 31 अगस्त को दिए अपने बयान में रावत ने पुलिस की निष्क्रियता, राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर और भाजपा नेताओं की 'कथनी-करनी के अंतर' पर भी तीखा हमला बोला।
पुलिस व्यवस्था पर सीधा सवाल
हरीश रावत ने कहा, 'सबसे बुरी और शर्मनाक बात यह है कि एक लड़की बस में अकेली सफर कर रही थी, जबकि उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस दोनों बड़े-बड़े दावे करती है — कैमरे लगे होंगे, किसी ने भी संदेह नहीं किया?' उन्होंने सवाल किया कि जब एक बच्ची अकेले बस में सफर कर रही थी, तो पुलिस कहाँ थी और उसकी जागरूकता क्यों नहीं दिखी।
रावत ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने बलात्कारियों जैसे तत्वों को निर्भीक बना दिया है और कानूनी प्रक्रिया भी पर्याप्त रूप से प्रभावशाली नहीं है, जिससे अपराधियों में कोई भय नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि बस के कंडक्टर और ड्राइवर ने पुलिस अधिकारियों को चकमा दे दिया — जो व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है।
भागवत के बयान पर कटाक्ष
रावत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि वे न्यूयॉर्क में सामाजिक सद्भाव और 'सबका डीएनए एक जैसा है' की बात कर रहे हैं, जबकि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कथित तौर पर 'मदरसा जिहाद', 'थूकने का जिहाद' और 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'भाजपा नेताओं और आरएसएस के लोगों की कथनी और करनी में सबसे बड़ा अंतर है।'
रावत ने यह भी जोड़ा कि 'आप विश्व मंचों पर कुछ और कहते हैं और घर में आपको मानने वाले लोग किस तरह का आचरण करते हैं' — यह विरोधाभास उजागर करते हुए उन्होंने भाजपा की दोहरी छवि पर निशाना साधा।
राहुल गांधी पर एफआईआर: कांग्रेस का पलटवार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज एफआईआर पर रावत ने कहा, 'उल्टा चोर कोतवाल डांटे। यह एक प्लान के तहत किया गया शुद्धिकरण था। यह राज्य सरकार और दिल्ली सरकार दोनों के शामिल हुए बिना नहीं हो सकता था।' उन्होंने कहा कि जनता इस 'शुद्धिकरण' की असलियत जानती है।
अखिलेश के AI गाने पर प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी के मुख्यमंत्री के बारे में AI-निर्मित गाना बजाने के मुद्दे पर रावत ने संक्षेप में कहा, 'भाजपा भी यही कर रही है।' यह टिप्पणी दर्शाती है कि कांग्रेस इस विवाद में किसी एक पक्ष को पूरी तरह दोषमुक्त नहीं मानती।
आगे क्या
इस घटना के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस पर जाँच का दबाव बढ़ गया है। विपक्षी दलों की बढ़ती माँगों के बीच यह देखना होगा कि दोनों सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने और महिला सुरक्षा की खामियों को दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती हैं।