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क्या बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार निंदनीय नहीं है, भारत सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए?

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क्या बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार निंदनीय नहीं है, भारत सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए?

सारांश

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर हरीश रावत ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। इस गंभीर मुद्दे पर उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाना आवश्यक है। जानिए इस मुद्दे पर रावत के विचार और अन्य घटनाओं पर उनकी प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर गंभीर चिंता है।
हरीश रावत ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
इंदौर में दूषित पानी से मौतें चिंताजनक हैं।
राजनीतिक नेताओं का व्यवहार उपयुक्त होना चाहिए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर निष्पक्ष जाँच की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बांग्लादेश में हो रही हत्याओं और हिंदुओं पर कथित अत्याचारों को निंदनीय बताते हुए केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है।

हरीश रावत ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, “बांग्लादेश में जो हत्याएं हो रही हैं, वे निंदनीय हैं, लेकिन सवाल यह है कि वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? केंद्र सरकार को चाहिए कि वह दुनिया भर के देशों से बात करे और एक अंतरराष्ट्रीय जनमत तैयार करे, ताकि बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाया जा सके। बांग्लादेश की यूनुस सरकार हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने का काम क्यों नहीं कर रही है?”

इंदौर में दूषित पानी से आठ लोगों की मौत के मामले पर हरीश रावत ने कहा कि यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा, “देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में अगर दूषित पानी से लोगों की मौत हो रही है तो यह बेहद चिंताजनक है। अगर पानी की गुणवत्ता इतनी खराब है कि उसे पीने से लोगों की जान जा रही है तो न सिर्फ इंदौर को मिलने वाले पुरस्कारों पर सवाल उठते हैं, बल्कि शहर की प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है। जब इंदौर की स्थिति ऐसी है तो यह सवाल उठता है कि मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में हालात कैसे होंगे।”

मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक पत्रकार के साथ कथित अभद्र व्यवहार पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने कहा, “विजयवर्गीय को केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की चिंता करनी चाहिए। अगर इंदौर में ऐसी स्थिति बन सकती है तो भोपाल और उज्जैन जैसे अन्य शहरों में भी हालात चिंताजनक हो सकते हैं। उनका बयान और रवैया बेहद आपत्तिजनक है।”

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग पर एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर हरीश रावत ने कहा, “एसआईआर को लेकर सिर्फ अभिषेक बनर्जी ही नहीं, बल्कि पूरा विपक्ष सवाल उठा रहा है। आखिर चुनाव आयोग लोगों और राजनीतिक दलों के सवालों की अनदेखी क्यों कर रहा है? सीधी बात यह है कि पूरी विपक्षी एकता इस प्रक्रिया से नाराज है।”

उन्होंने देहरादून में छात्र एंजेल चकमा की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे उत्तराखंड की छवि को पूरे देश में नुकसान पहुंचा है। यह घटना क्यों हुई, कब और कैसे हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में पुलिस और अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी सख्त कार्रवाई जरूरी है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर निकाले गए मशाल जुलूस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आखिर वह कौन वीवीआईपी था, जिसके खिलाफ पहले दिन से सवाल उठ रहे हैं? अंकिता ने खुद अपने दोस्त को बताया था कि किसी वीवीआईपी के लिए ‘स्पेशल सर्विस’ की बात हो रही थी। पूरा उत्तराखंड इस मामले की सच्चाई जानना चाहता है।”

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत की विदेश नीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हमें ऐसे मामलों में संयमित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने मूल्यों की रक्षा कर सकें।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार क्यों हो रहे हैं?
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का कारण धार्मिक असहिष्णुता और राजनीतिक अस्थिरता है।
भारत सरकार को इस मुद्दे पर क्या कदम उठाने चाहिए?
भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा करके बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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