क्या इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है?

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क्या इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है?

सारांश

इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों पर मायावती का तीखा बयान। क्या सरकार इस पर जिम्मेदार है? जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई।
  • मायावती ने सरकार की लापरवाही पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
  • एनएचआरसी ने इस घटना को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन माना।
  • स्थानीय निवासियों ने मौतों की संख्या को बढ़ा-चढ़ा कर बताया।
  • सरकार को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।

लखनऊ, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों और कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की घटना ने संपूर्ण देश में आक्रोश फैलाया है। इस दुखद मामले पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद, चौंकाने वाला और सरकारी लापरवाही का परिणाम बताया है।

मायावती ने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में कहा, "मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से कई निर्दोष नागरिकों की मौत तथा अन्य अनेक लोगों के बीमार होने की यह अति-दुखद एवं चौंकाने वाली खबर है। इस पर सरकारी लापरवाही और उदासीनता को लेकर लोगों में व्यापक आक्रोश स्वाभाविक है।"

उन्होंने कहा, "सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि लोगों को विशेष रूप से साफ हवा और पानी उपलब्ध कराए, लेकिन यहां अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के साथ-साथ बुनियादी जन सुविधाओं में भी सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार घातक साबित हो रहा है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।"

मायावती ने आगे कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले का संज्ञान लेते हुए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि देश के अन्य राज्यों में ऐसी घटनाएं न हों।

ज्ञातव्य है कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 7 लोगों की मौत हुई है और 40 से अधिक लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हुए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मौतों की संख्या को लेकर विभिन्न दावों के अनुसार सरकारी आंकड़ों में 4-7 मौतें बताई गई हैं, जबकि स्थानीय निवासियों और कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 10-13 तक बताई गई है, जिसमें एक 6 महीने का बच्चा भी शामिल है। 100 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जहां उन्हें डायरिया, उल्टी और अन्य जलजनित बीमारियों के लक्षण पाए गए हैं।

Point of View

NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से कितनी मौतें हुईं?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 4-7 मौतें हुई हैं, जबकि स्थानीय निवासियों के अनुसार यह संख्या 10-13 तक हो सकती है।
क्या मानवाधिकार आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई की है?
हां, एनएचआरसी ने इस घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए नोटिस जारी किया है।
क्या सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए?
हां, ऐसी घटनाओं के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
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