बांग्लादेश से अगरतला-कोलकाता ‘मैत्री’ बस सेवा का पुनः शुभारंभ

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बांग्लादेश से अगरतला-कोलकाता ‘मैत्री’ बस सेवा का पुनः शुभारंभ

सारांश

अगरतला-कोलकाता ‘मैत्री’ बस सेवा १८ महीने बाद फिर से शुरू हो गई है। यह सेवा बांग्लादेश के माध्यम से भारत के दो प्रमुख शहरों को जोड़ती है। मंत्री चौधरी ने इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।

Key Takeaways

  • मैत्री बस सेवा १८ महीने बाद फिर से शुरू हुई।
  • बांग्लादेश की राजधानी ढाका के माध्यम से यात्रा।
  • आधिकारिक स्वागत में मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
  • कुल ३५ सीटों वाली बस सेवा।
  • सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने वाला कदम।

अगरतला, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के माध्यम से अगरतला और कोलकाता के बीच की बहुप्रतीक्षित ‘मैत्री’ अंतरराष्ट्रीय बस सेवा १८ महीने के लंबे अंतराल के बाद फिर से नियमित रूप से शुरू हो गई है।

इस सेवा की पहली बस सोमवार को कोलकाता से रवाना होकर ढाका होते हुए मंगलवार को अगरतला पहुंची। अगरतला (भारत)अखौरा (बांग्लादेश) एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) पर यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर त्रिपुरा के परिवहन एवं पर्यटन मंत्री सुषांत चौधरी, त्रिपुरा रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (टीआरटीसी) के कार्यवाहक अध्यक्ष समर रॉय और आईसीपी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री चौधरी ने कहा कि ढाका के रास्ते अगरतला-कोलकाता बस सेवा का पुनः शुरू होना एक स्वागतयोग्य और सुखद पहल है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे। उनका कहना था कि भारत और बांग्लादेश के विकास के लिए आपसी मित्रता आवश्यक है और यह बस सेवा विश्वास और सहयोग का प्रतीक है।

टीआरटीसी के कार्यवाहक अध्यक्ष समर रॉय ने बताया कि अगरतला-ढाका बस सेवा भी जल्द ही शुरू होने की संभावना है। ३५ सीटों वाली राज्य सरकार की बस सप्ताह में तीन दिन अगरतला से और तीन दिन कोलकाता से रवाना होगी। यह दोनों सेवाएं ढाका के रास्ते त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल को जोड़ेंगी।

अगरतला-ढाका-कोलकाता और अगरतला-ढाका बस सेवाएं पहले कोविड-१९ महामारी के दौरान निलंबित की गई थीं और जून २०२२ में पुनः शुरू हुई थीं। हालांकि, बांग्लादेश में एक बस दुर्घटना और उस पर भीड़ के हमले के बाद सेवाएं फिर से रोक दी गई थीं। पिछले वर्ष जून-जुलाई में हुई हिंसा और ५ अगस्त २०२४ को शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद, बस संचालकों ने सेवाएं बहाल करने में हिचकिचाहट दिखाई थी।

अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेश में नई सरकार के गठन और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के संकेतों के बाद सीमापार बस सेवा फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

अगरतला-ढाका-कोलकाता मार्ग पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी है। गुवाहाटी के मार्ग से अगरतला से कोलकाता की दूरी लगभग १,६५० किलोमीटर है, जबकि बांग्लादेश के माध्यम से यह दूरी घटकर लगभग ६२० किलोमीटर रह जाती है, जिससे यात्रा आसान और तेज हो जाती है।

अगरतला-अखौरा आईसीपी पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल-बेनापोल के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है।

Point of View

बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता को भी मजबूत करती है।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

अगरतला-कोलकाता बस सेवा कब शुरू हुई?
यह बस सेवा २४ फरवरी २०२४ को १८ महीने के बाद फिर से शुरू हुई।
बस सेवा के लिए चेक पोस्ट कौन सा है?
अगरतला-अखौरा एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) है।
इस बस सेवा का महत्व क्या है?
यह बस सेवा भारत और बांग्लादेश के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करती है।
कितनी सीटों वाली बस सेवा उपलब्ध है?
यह बस सेवा ३५ सीटों वाली है।
क्या अगरतला-ढाका बस सेवा भी शुरू होगी?
हाँ, टीआरटीसी के कार्यवाहक अध्यक्ष ने बताया कि यह सेवा भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
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