आईआरजीसी का दावा: कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले, कई बेस तबाह
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 को दावा किया कि उसकी सेनाओं ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संसाधनों पर जवाबी हमले किए हैं। आईआरजीसी के अनुसार, ये कार्रवाइयाँ अमेरिका द्वारा ईरान के विरुद्ध किए गए हमलों का प्रत्युत्तर हैं।
कुवैत में हमले के दावे
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार माध्यम के हवाले से बताया गया कि उसकी सेनाओं ने कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस पर मौजूद एक विशाल अमेरिकी एम्युनिशन डिपो को 'एडवांस्ड और अल्ट्रा-हैवी' कामिकेज ड्रोन से निशाना बनाया और उसे कथित तौर पर पूरी तरह नष्ट कर दिया। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि इस बेस पर अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति वाले स्थानों को लक्षित किया गया, जिसमें कुछ लोगों के हताहत होने की बात कही गई।
इसके अतिरिक्त, आईआरजीसी ने कहा कि कुवैत के अल-अदिरी कैंप में अमेरिका के तीन हथियार और उपकरण भंडारों को भी नष्ट किया गया।
बहरीन और जॉर्डन में कार्रवाई के दावे
आईआरजीसी ने दावा किया कि बहरीन में एक अमेरिकी कंपनी के डेटा सेंटर पर की गई पूर्व सैन्य कार्रवाई को पूरा करते हुए उसकी शेष इमारत को भी ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े के मुख्यालय की निगरानी मीनार को निशाना बनाया गया, जिससे कथित तौर पर भारी नुकसान हुआ।
जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर आईआरजीसी की एयरोस्पेस सेनाओं ने भारी हमले का दावा किया, जिसमें कई अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुँचने की बात कही गई। बेस पर अमेरिकी सैनिकों के बैरकों को निशाना बनाया गया और कुछ कर्मियों के मारे जाने या घायल होने का दावा किया गया — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इराक के एरबिल में भी हमले का दावा
आईआरजीसी ने बताया कि उसकी सेनाओं ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी अचानक हमला किया। इस कार्रवाई में कथित तौर पर एक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और एक निगरानी गुब्बारा नष्ट किया गया, तथा अमेरिकी सैनिकों के आवासीय क्षेत्रों को भी लक्षित किया गया।
इसके अलावा, आईआरजीसी ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने गुरुवार रात ईरान के दक्षिण-पूर्वी कहनुज इलाके के ऊपर एक अमेरिकी क्रूज मिसाइल को रोक दिया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का पक्ष
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उसके बलों ने ईरान के विरुद्ध लगातार 13वीं रात भी सफलतापूर्वक हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, उसके बलों ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, ड्रोन भंडारण स्थलों, संचार नेटवर्क, तटीय निगरानी केंद्रों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया। कमांड ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले नागरिक और व्यापारिक जहाजों के लिए ईरान से उत्पन्न खतरे को कम करना था।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव अपने चरम पर है और दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमलों के दावे कर रहे हैं। आईआरजीसी के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। गौरतलब है कि इस संघर्ष का सीधा असर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वैश्विक तेल व्यापार पर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और गहरी हो सकती है।