ब्रिक्स NSA बैठक में वांग यी होंगे शामिल, राजदूत शू फीहोंग बोले — संचार और समन्वय बढ़ाने को तैयार है चीन
सारांश
मुख्य बातें
चीन के विदेश मंत्री वांग यी 22-23 जून 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की 16वीं बैठक में भाग लेंगे। यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर आयोजित की जा रही है और इसमें सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के NSA तथा प्रतिनिधिमंडल प्रमुख शामिल होंगे। अगस्त 2025 के बाद यह वांग यी का भारत का पहला दौरा होगा।
बैठक का एजेंडा और विषय
विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दो दिवसीय बैठक का केंद्रीय विषय 'आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियाँ' रखा गया है। चर्चा में तेज़ी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर नई तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही काउंटर टेररिज्म तथा सूचना एवं संचार तकनीक में सुरक्षा से संबंधित ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों के निष्कर्षों की भी समीक्षा की जाएगी।
चीनी राजदूत का बयान
भारत में चीनी दूतावास के राजदूत शू फीहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि चीनी पक्ष इस बैठक में मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति, बड़े अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों तथा परंपरागत और गैर-परंपरागत सुरक्षा चुनौतियों पर संयुक्त प्रतिक्रिया के विषय में अन्य ब्रिक्स सदस्यों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चीन सितंबर 2025 में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक तैयारी भी इस बैठक के दौरान करेगा।
राजदूत फीहोंग ने स्पष्ट किया कि चीन ब्रिक्स सदस्यों के साथ संचार और समन्वय बढ़ाने के लिए उत्सुक है, ताकि राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ किया जा सके और विश्व शांति एवं सुरक्षा में योगदान दिया जा सके।
वांग यी की अनुपस्थिति का संदर्भ
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग दौरे की समयसीमा और पिछले महीने भारत में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों के सम्मेलन की तारीखें एक साथ पड़ने के कारण वांग यी उस बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर संवाद बहाल करने की कोशिशें जारी हैं, जिसके चलते इस दौरे पर कूटनीतिक हलकों में विशेष नज़र रखी जा रही है।
वांग यी की भूमिका और महत्व
वांग यी केवल चीन के विदेश मंत्री ही नहीं, बल्कि केंद्रीय विदेश मामलों के आयोग के निदेशक के रूप में चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भूमिका भी निभाते हैं। इस दोहरी हैसियत में उनकी उपस्थिति इस बैठक को कूटनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बना देती है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समीक्षा बैठक से सीमापार खतरों से निपटने और सामूहिक सुरक्षा तंत्र को मज़बूत करने में ब्रिक्स देशों के भविष्य के सहयोग की दिशा तय होगी। बैठक की अध्यक्षता NSA अजीत डोभाल करेंगे और इसके नतीजे सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों को आकार देंगे।