3 अगस्त 2026
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चीनी विदेश मंत्री वांग यी 22 जून को भारत दौरे पर, ब्रिक्स एनएसए की 16वीं बैठक में होंगे शामिल

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चीनी विदेश मंत्री वांग यी 22 जून को भारत दौरे पर, ब्रिक्स एनएसए की 16वीं बैठक में होंगे शामिल

सारांश

चीनी विदेश मंत्री वांग यी का 22 जून का भारत दौरा महज एक बहुपक्षीय बैठक नहीं — यह भारत-चीन संबंधों में जारी पुनर्संतुलन की एक और परीक्षा है। ब्रिक्स की भारतीय अध्यक्षता के बीच यह यात्रा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की गति और गहराई को दर्शाती है।

मुख्य बातें

चीनी विदेश मंत्री वांग यी 22 जून 2026 को दो दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे।
वे ब्रिक्स एनएसए और राष्ट्रीय सुरक्षा उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक ( 22–23 जून ) में भाग लेंगे।
यह यात्रा एनएसए अजीत डोभाल के निमंत्रण पर हो रही है — चीनी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की।
भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है; थीम 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण'।
15 मई की ब्रिक्स विदेश मंत्री बैठक में पश्चिम एशिया मुद्दे पर मतभेद के चलते संयुक्त बयान की जगह अध्यक्षीय बयान जारी हुआ था।
फरवरी 2026 में मा झाओशू की भारत यात्रा के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता हो चुकी है।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी 22 जून 2026 को दो दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे, जहाँ वे ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक में भाग लेंगे। यह बैठक 22–23 जून को भारत में आयोजित होगी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को पुष्टि की कि यह यात्रा भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर हो रही है।

यात्रा का संदर्भ और महत्व

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, वांग यी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और केंद्रीय विदेशी मामलों के आयोग के कार्यालय के निदेशक भी हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। अध्यक्षता का विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' रखा गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 में रियो डी जेनेरियो में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्त 'मानव-केंद्रित और मानवता-प्रथम' दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है।

ब्रिक्स विदेश मंत्री बैठक की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इससे पहले 15 मई को भारत में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित हुई थी, जिसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की थी। भारत में तैनात चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने उस बैठक की सफलता पर भारत को बधाई दी थी। उनके अनुसार, ब्रिक्स देशों ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाई और बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार पर भी चर्चा की। हालाँकि, पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व की स्थिति पर सदस्य देशों के बीच मतभेद उभरने के कारण भारत ने उस बैठक के अंत में संयुक्त बयान के बजाय अध्यक्षीय बयान जारी किया था — जो ब्रिक्स के भीतर आंतरिक विभाजन का संकेत था।

भारत-चीन द्विपक्षीय संवाद की कड़ी

यह यात्रा भारत-चीन संबंधों में हाल के कूटनीतिक सक्रियता की एक और कड़ी है। फरवरी 2026 में चीन के वरिष्ठ अधिकारी मा झाओशू ने भारत का दौरा किया था, जिसके दौरान ब्रिक्स शेरपा बैठक और रणनीतिक वार्ता आयोजित हुई थी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री और झाओशू के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ था। वांग यी की यह यात्रा उसी क्रम को आगे बढ़ाती है।

आगे क्या

22–23 जून की ब्रिक्स एनएसए बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक शासन और ब्रिक्स सहयोग के एजेंडे पर चर्चा अपेक्षित है। वांग यी की यात्रा के दौरान भारत-चीन द्विपक्षीय वार्ता की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन संभावित द्विपक्षीय बातचीतों में है जो इसके इर्द-गिर्द होंगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी विदेश मंत्री वांग यी भारत क्यों आ रहे हैं?
वांग यी 22–23 जून 2026 को भारत में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक में भाग लेने आ रहे हैं। यह यात्रा एनएसए अजीत डोभाल के निमंत्रण पर हो रही है।
ब्रिक्स एनएसए बैठक 2026 कब और कहाँ होगी?
यह बैठक 22–23 जून 2026 को भारत में आयोजित की जाएगी। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 का विषय क्या है?
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 का विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 के रियो डी जेनेरियो ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्त 'मानव-केंद्रित और मानवता-प्रथम' दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।
15 मई की ब्रिक्स विदेश मंत्री बैठक में संयुक्त बयान क्यों नहीं आया?
पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व की स्थिति पर सदस्य देशों के बीच मतभेद उभरने के कारण संयुक्त बयान के बजाय अध्यक्षीय बयान जारी किया गया। उस बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की थी।
हाल के महीनों में भारत-चीन कूटनीतिक संवाद की क्या स्थिति है?
फरवरी 2026 में चीन के वरिष्ठ अधिकारी मा झाओशू की भारत यात्रा के दौरान ब्रिक्स शेरपा बैठक और रणनीतिक वार्ता हुई थी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री और झाओशू के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई थी। वांग यी की आगामी यात्रा इसी कूटनीतिक सक्रियता की अगली कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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