नासिक टीसीएस कंपनी में युवतियों के यौन शोषण पर एनएचआरसी का नोटिस

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नासिक टीसीएस कंपनी में युवतियों के यौन शोषण पर एनएचआरसी का नोटिस

सारांश

नासिक स्थित टीसीएस कंपनी में महिलाओं के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी किया। भाजपा नेता नवनीत राणा और अमृता फडणवीस जैसे नेताओं ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। जानें क्या है पूरा मामला।

Key Takeaways

  • नासिक टीसीएस कंपनी में यौन शोषण के गंभीर आरोप।
  • एनएचआरसी ने कंपनी और पुलिस को नोटिस जारी किया।
  • भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएँ।
  • महिला सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता।
  • संस्कृति और परंपरा का महत्व।

पुणे, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नासिक स्थित टीसीएस कंपनी में युवतियों के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कंपनी और महाराष्ट्र पुलिस को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, भाजपा नेता नवनीत राणा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस सहित कई अन्य लोगों ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि हमें एक संगठन की तरफ से नासिक की टीसीएस कंपनी के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कहा गया था कि महिला कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया, उनका यौन शोषण किया गया और फिर ब्लैकमेल करके उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया।

प्रियांक कानूनगो ने कहा कि आरोप है कि यह सब ऑफिस के अंदर और वरिष्ठ प्रबंधन की अनुमति से किया गया। नासिक पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। हमने टीसीएस को नोटिस जारी कर पूरे देश में उनकी ऑफिसों में महिला सुरक्षा के संबंध में जानकारी मांगी है। इसके साथ ही, हमने उनकी अन्य कंपनियों से भी जानकारी मांगने का अनुरोध किया है।

उन्होंने आगे बताया कि हमने महाराष्ट्र पुलिस को भी नोटिस जारी किया है और उनसे यह जानकारी मांगी है कि इस मामले में केवल कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है या फिर संस्थान के प्रमुख को भी शामिल किया गया है।

इस मामले पर भाजपा नेता नवनीत राणा ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में शामिल व्यक्तियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बेटियां कॉर्पोरेट क्षेत्र में नौकरी के लिए जाती हैं, तो उन्हें यह नहीं पता होता कि उनके सामने एक राक्षस बैठा हुआ है जो उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर सकता है।

उन्होंने कहा कि राक्षस ऐसा है, जो जबरन बीफ खिलाने, बुर्का पहनाने और नॉनवेज खिलाने की कोशिश करेगा। बेटियों को इस बात का अंदाजा नहीं होता। मेरा मानना है कि ऐसे मामलों के आरोपियों के लिए कोई सुनवाई नहीं होनी चाहिए, उन्हें कठोर सजा मिलनी चाहिए।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हर कंपनी में एक समिति होती है, और पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी को अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। माता-पिता को अपने बच्चों को अपनी संस्कृति से परिचित कराना चाहिए। यदि बेटियां अपनी संस्कृति से जुड़ी रहेंगी, तो ऐसे मामले नहीं होंगे।

Point of View

ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएँ भविष्य में न हों। सभी आरोपों की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और योग्यता के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने टीसीएस को क्यों नोटिस जारी किया?
टीसीएस कंपनी में युवतियों के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के आरोपों के कारण एनएचआरसी ने कंपनी और महाराष्ट्र पुलिस को नोटिस जारी किया।
इस मामले पर प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएँ क्या रही हैं?
भाजपा नेता नवनीत राणा और अमृता फडणवीस ने इस मामले पर अपनी नाराजगी और चिंता व्यक्त की है।
क्या टीसीएस के प्रबंधन पर आरोप लगे हैं?
आरोप है कि यह सब ऑफिस के अंदर और वरिष्ठ प्रबंधन की सहमति से किया गया।
महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
महाराष्ट्र पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एनएचआरसी द्वारा जारी नोटिस का पालन कर रही है।
क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम उठाए जा रहे हैं?
भाजपा नेताओं ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है और सभी कंपनियों को महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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