26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महिला आरक्षण बिल की असफलता से भाजपा की चिंता उजागर: अभिषेक बनर्जी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महिला आरक्षण बिल की असफलता से भाजपा की चिंता उजागर: अभिषेक बनर्जी

सारांश

महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल के गिरने के बाद भाजपा की बेचैनी को अभिषेक बनर्जी ने उजागर किया है। उनका कहना है कि यह स्थिति एनडीए सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण से संबंधित बिल की असफलता भाजपा के लिए चिंता का विषय है।
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा की बेचैनी को उजागर किया है।
महिला आरक्षण अधिनियम का सर्वसम्मति से पारित होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
टीएमसी ने संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाया है।
भाजपा को अपने राजनीतिक दृष्टिकोण पर दोबारा विचार करना होगा।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन बिल के गिरने के बाद जो स्थिति उत्पन्न हुई है, उससे भाजपा की चिंता स्पष्ट हो गई है। उन्होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

अभिषेक बनर्जी ने एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल की असफलता के कारण जो हालात बने हैं, वे भाजपा की बेचैनी को दर्शाते हैं।

महिला आरक्षण अधिनियम, जो महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की गारंटी प्रदान करता है, सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था।

उन्होंने अपने पोस्ट में आगे कहा कि यदि एनडीए सरकार वास्तव में गंभीर है, तो उसे तुरंत एक-तिहाई सीटों को नोटिफाई करने वाला बिल लाना चाहिए। यह तुरंत किया जाना चाहिए।

टीएमसी ने न केवल इस बिल का सैद्धांतिक समर्थन किया है, बल्कि वास्तव में संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 41 प्रतिशत से अधिक है।

संवैधानिक 131वां संशोधन बिल को इंडिया गठबंधन ने खारिज कर दिया है। लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करने के प्रयास ने निष्पक्षता और संतुलन को लेकर गहरी चिंताएँ उत्पन्न की हैं।

एनडीए सरकार का समय अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, और सत्ता पर उसका नियंत्रण अब स्पष्ट रूप से टूटता हुआ दिखाई दे रहा है।

वास्तव में, शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। मतदान के समय, बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया, जिसके कारण यह विधेयक पास नहीं हो सका।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक संतुलन को भी प्रभावित करता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की गारंटी देता है।
भाजपा की प्रतिक्रिया क्या रही?
भाजपा ने इस बिल के गिरने के बाद अपनी चिंता व्यक्त की है, जो कि राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है।
अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इस स्थिति से भाजपा की बेचैनी स्पष्ट हो गई है।
महिला आरक्षण अधिनियम कब पारित हुआ था?
महिला आरक्षण अधिनियम सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था।
एनडीए सरकार को क्या करना चाहिए?
अभिषेक बनर्जी के अनुसार, एनडीए सरकार को तुरंत एक-तिहाई सीटों को नोटिफाई करने वाला बिल लाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले