अमित शाह: विपक्ष को 2029 में महिलाओं का आक्रोश झेलना होगा

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अमित शाह: विपक्ष को 2029 में महिलाओं का आक्रोश झेलना होगा

सारांश

संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के गिरने पर अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33%25 आरक्षण का अधिकार छिनने से महिलाओं का आक्रोश 2029 के चुनावों में बुरी तरह से सामने आएगा।

Key Takeaways

  • संविधान का 131वां संशोधन विधेयक गिरा
  • महिलाओं को 33%25 आरक्षण का अधिकार नहीं मिला
  • अमित शाह का विपक्ष पर तीखा हमला
  • महिलाओं का आक्रोश 2029 चुनावों में सामने आएगा
  • जेपी नड्डा और जीतन राम मांझी की प्रतिक्रियाएं

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। मतदान के दौरान इस बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया, जिसके कारण यह विधेयक पास नहीं हो पाया। विधेयक के गिरने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई एनडीए नेताओं ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज लोकसभा में एक अजीब दृश्य देखने को मिला। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए आवश्यक संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया।"

उन्होंने आगे कहा, "महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने वाले बिल को गिराना, इसका जश्न मनाना और जयनाद करना वास्तव में निंदनीय और अस्वीकार्य है। अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया है, बल्कि बार-बार ऐसा कर रहे हैं। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न ही देश के। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहीं समाप्त नहीं होगी, बल्कि दूर तक जाएगी। विपक्ष को 'महिलाओं का आक्रोश' न केवल 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।"

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लिखा, "आज लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित न होना कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। आज का दिन हमारे देश के लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है। यह केवल एक विधेयक का गिरना नहीं है, बल्कि करोड़ों बहनों के उस विश्वास का टूटना है जो उन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संजोया था। जबकि हम महिलाओं को 'शक्ति' मानकर उनके सशक्तिकरण का सपना देख रहे हैं, विपक्ष की संकीर्ण सोच ने उनकी प्रगति की राह में दीवार खड़ी कर दी। यह उनके सपनों और उनके सामर्थ्य का अपमान है।"

उन्होंने आगे लिखा, "नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा! यह आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है। 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी। याद रखिए, शक्ति का यह क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है।"

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लिखा, "देश की बेटियों को ठगने वाले को देश कभी माफ नहीं करेगा। आज केवल एक विधेयक ही नहीं गिरा है बल्कि महिला विरोधी कांग्रेस और इंडी ब्लॉक ने देश की बहनों के सपने और उम्मीदों को गिराया है। यह शर्मनाक है।"

Point of View

बल्कि यह करोड़ों महिलाओं के सपनों और उनके अधिकारों के लिए एक गंभीर संकेत है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

संविधान के 131वें संशोधन विधेयक का क्या महत्व था?
यह विधेयक महिलाओं को 33%25 आरक्षण देने का प्रावधान करता था, जो उनके अधिकारों को सुरक्षित करता है।
अमित शाह ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को छिनने का प्रयास किया है और उन्हें इसका परिणाम भुगतना होगा।
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