23 मार्च से अब तक 17.25 लाख 5 किलो के एलपीजी सिलेंडर की बिक्री, सरकार की रिपोर्ट
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नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि पश्चिम एशिया में बदलते हालात के बीच 23 मार्च से लेकर अब तक 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलेंडर (एफटीएल) की बिक्री 17.25 लाख से अधिक हो चुकी है। ये छोटे सिलेंडर विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों के ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि 3 अप्रैल से अब तक, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों, जिन्हें ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ (ओएमसी) भी कहा जाता है, ने 6,450 से अधिक जागरूकता कैंप आयोजित किए हैं, जहां 90,000 से अधिक 5 किलो के सिलेंडर बेचे गए हैं।
ये 5 किलो एफटीएल सिलेंडर विभिन्न राज्य सरकारों को दिए जा रहे हैं, ताकि वे ओएमसी की सहायता से अपने राज्यों में प्रवासी मजदूरों को इनका वितरण कर सकें।
वहीं, संकट के पहले के स्तर से कमर्शियल एलपीजी की कुल सप्लाई अब लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ाई जा चुकी है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-आधारित आवंटन भी शामिल है।
17 अप्रैल को 8,216 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई, जो लगभग 4.32 लाख 19 किलो वाले सिलेंडरों के बराबर है। इसके अलावा, 14 मार्च से अब तक कुल 1,58,583 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेची जा चुकी है, जिसमें 9,200 मीट्रिक टन से अधिक ऑटो एलपीजी भी शामिल है।
मंत्रालय के अनुसार, ऑटो एलपीजी की मांग में बदलाव आया है, जहां अब पीएसयू कंपनियों की ओर अधिक झुकाव बढ़ गया है। बढ़ती मांग को देखते हुए, पीएसयू कंपनियों की ऑटो एलपीजी बिक्री में 70 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
यह वृद्धि विशेष रूप से कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अधिक देखी जा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि 22 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अब पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) विस्तार से जुड़े सुधारों के तहत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी आवंटन प्राप्त कर रहे हैं।
इसके साथ ही, मंत्रालय ने कहा कि मार्च से अब तक 4.76 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं, और 5.33 लाख से अधिक नए ग्राहकों ने कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
17 अप्रैल तक, 37,500 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किया है, जो पीएनजी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
हालांकि, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, परंतु सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी है।
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस की कमी नहीं है। 17 अप्रैल तक ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 98 प्रतिशत तक पहुँच गई है।
साथ ही, डिलीवरी की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) सिस्टम का उपयोग करते हुए 93 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी की जा रही है।
17 अप्रैल को, देशभर में 52 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए, जो सप्लाई व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।