23 मार्च से अब तक 12 लाख से अधिक 5-किलो के एलपीजी सिलेंडर जरूरतमंदों को बेचे गए: केंद्र सरकार
सारांश
Key Takeaways
- 12 लाख से अधिक 5 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर बेचे गए।
- सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए दैनिक मात्रा दोगुना किया।
- सरकार ने जागरूकता शिविर आयोजित किए।
- एलपीजी उपभोक्ताओं से डिजिटल बुकिंग का उपयोग करने का आग्रह।
- ऊर्जा की बचत की सलाह दी गई।
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने शनिवार को जानकारी दी कि 10 अप्रैल को 51.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए हैं। इसके साथ ही, पूरे देश में लगभग 1 लाख 5-किलो के एफटीएल सिलेंडर भी बेचे गए, जबकि फरवरी 2026 में इसका दैनिक औसत 77,000 था।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 23 मार्च, 2026 से लेकर अब तक छात्रों और प्रवासी श्रमिकों समेत जरूरतमंद समुदायों को 12 लाख से अधिक 5-किलो के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
सरकार ने बताया है कि प्रवासी श्रमिकों के लिए प्रत्येक राज्य में उपलब्ध 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को 2-3 मार्च के दौरान प्रवासी श्रमिकों को दी गई औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुना किया जा रहा है।
ये 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर राज्य सरकार के पास ही रहेंगे और इनका उपयोग केवल राज्य में प्रवासी श्रमिकों को तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की सहायता से किया जाएगा।
सरकार ने यह भी बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसी कंपनियों ने पिछले 8 दिनों में 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों के लिए लगभग 2,900 जागरूकता शिविर आयोजित किए, जिनमें 29,000 से अधिक 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
मंत्रालय का कहना है कि नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है और वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। साथ ही, एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें। नागरिकों को पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। सभी से आग्रह है कि वे वर्तमान स्थिति में अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा की बचत करें।
वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को उच्च प्राथमिकता प्रदान की है।
बयान में यह भी कहा गया है कि सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तिकरण उपाय लागू किए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अवधि को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना तथा आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।