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त्रिपुरा डीजीपी अनुराग का संदिग्ध हालात में निधन, CM माणिक साहा ने जताया गहरा शोक

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त्रिपुरा डीजीपी अनुराग का संदिग्ध हालात में निधन, CM माणिक साहा ने जताया गहरा शोक

सारांश

त्रिपुरा के शीर्ष पुलिस अधिकारी डीजीपी अनुराग सोमवार को पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय से जुड़े बाथरूम में संदिग्ध हालात में मृत पाए गए। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्वयं मौके पर पहुँचकर शोक जताया। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर है।

मुख्य बातें

त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग सोमवार, 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए।
माणिक साहा ने एक्स पर पोस्ट कर गहरा शोक जताया और मुख्य सचिव व गृह सचिव के साथ तुरंत पुलिस मुख्यालय पहुँचे।
AGMC एवं GBP अस्पताल के चिकित्सकों ने जाँच के बाद डीजीपी अनुराग को मृत घोषित किया; शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अनुराग त्रिपुरा कैडर, 1994 बैच के IPS अधिकारी थे और 17 मई 2024 को डीजीपी पद पर नियुक्त हुए थे।
त्रिपुरा सरकार ने अब तक मौत के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग सोमवार, 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय कक्ष से जुड़े बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। उन्हें तत्काल अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल (AGMC & GBP) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मुख्यमंत्री का शोक संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (आईपीएस) अनुराग के दुखद निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध और दुखी हूँ। वे आज अपने कार्यालय कक्ष के शौचालय में फाँसी पर लटके पाए गए।' साहा ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मुख्य सचिव और गृह सचिव के साथ तुरंत पुलिस मुख्यालय पहुँचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

अस्पताल का बयान

AGMC एवं GBP अस्पताल के मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. प्रदीप भौमिक ने बताया कि डीजीपी अनुराग को अस्पताल लाया गया, किंतु उनमें जीवन के कोई संकेत नहीं थे। डॉ. भौमिक ने कहा, 'डीजीपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी।'

कौन थे डीजीपी अनुराग

अनुराग त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे। उन्होंने पिछले वर्ष 17 मई को राज्य के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया था। डीजीपी बनने से पूर्व वे त्रिपुरा में पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के पद पर तैनात थे। उन्होंने 1988 बैच के IPS अधिकारी अमिताभ रंजन का स्थान लिया था।

आधिकारिक जाँच की स्थिति

त्रिपुरा सरकार और राज्य पुलिस मुख्यालय ने अब तक डीजीपी अनुराग की मृत्यु के कारणों या परिस्थितियों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य की कानून-व्यवस्था की कमान सँभाल रहे एक वरिष्ठ अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु ने प्रशासनिक हलकों में गहरी चिंता उत्पन्न कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पारदर्शिता में देरी संदेह को और गहरा करती है। गौरतलब है कि डीजीपी स्तर के अधिकारी राज्य की खुफिया और कानून-व्यवस्था तंत्र के केंद्र में होते हैं — ऐसे में उनकी मृत्यु की स्वतंत्र और त्वरित जाँच न केवल परिवार के लिए, बल्कि संस्थागत विश्वसनीयता के लिए भी अनिवार्य है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग की मृत्यु कैसे हुई?
डीजीपी अनुराग सोमवार, 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय कक्ष से जुड़े बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। मुख्यमंत्री माणिक साहा के अनुसार वे फाँसी पर लटके पाए गए। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने डीजीपी अनुराग के निधन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे इस दुखद निधन से अत्यंत स्तब्ध और दुखी हैं। उन्होंने मुख्य सचिव और गृह सचिव के साथ तुरंत पुलिस मुख्यालय पहुँचकर स्थिति का जायज़ा लिया और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
डीजीपी अनुराग कौन थे और कब से पद पर थे?
अनुराग त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी थे। उन्होंने 17 मई 2024 को त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया था और इससे पहले वे राज्य में पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के पद पर तैनात थे।
क्या सरकार ने डीजीपी अनुराग की मौत पर कोई आधिकारिक बयान दिया है?
अब तक त्रिपुरा सरकार और राज्य पुलिस मुख्यालय ने मृत्यु के कारणों या परिस्थितियों पर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी।
डीजीपी अनुराग को किस अस्पताल ले जाया गया था?
उन्हें अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल (AGMC & GBP) ले जाया गया, जहाँ मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. प्रदीप भौमिक सहित चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित किया।
राष्ट्र प्रेस
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