त्रिपुरा डीजीपी अनुराग का संदिग्ध हालात में निधन, CM माणिक साहा ने जताया गहरा शोक
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग सोमवार, 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय कक्ष से जुड़े बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। उन्हें तत्काल अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल (AGMC & GBP) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री का शोक संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (आईपीएस) अनुराग के दुखद निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध और दुखी हूँ। वे आज अपने कार्यालय कक्ष के शौचालय में फाँसी पर लटके पाए गए।' साहा ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मुख्य सचिव और गृह सचिव के साथ तुरंत पुलिस मुख्यालय पहुँचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
अस्पताल का बयान
AGMC एवं GBP अस्पताल के मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. प्रदीप भौमिक ने बताया कि डीजीपी अनुराग को अस्पताल लाया गया, किंतु उनमें जीवन के कोई संकेत नहीं थे। डॉ. भौमिक ने कहा, 'डीजीपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी।'
कौन थे डीजीपी अनुराग
अनुराग त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे। उन्होंने पिछले वर्ष 17 मई को राज्य के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया था। डीजीपी बनने से पूर्व वे त्रिपुरा में पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के पद पर तैनात थे। उन्होंने 1988 बैच के IPS अधिकारी अमिताभ रंजन का स्थान लिया था।
आधिकारिक जाँच की स्थिति
त्रिपुरा सरकार और राज्य पुलिस मुख्यालय ने अब तक डीजीपी अनुराग की मृत्यु के कारणों या परिस्थितियों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य की कानून-व्यवस्था की कमान सँभाल रहे एक वरिष्ठ अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु ने प्रशासनिक हलकों में गहरी चिंता उत्पन्न कर दी है।