21 जुलाई 2026
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त्रिपुरा डीजीपी अनुराग का निधन: सीएम माणिक साहा बोले — 'राज्य ने एक अपूरणीय पुलिस अधिकारी खोया'

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त्रिपुरा डीजीपी अनुराग का निधन: सीएम माणिक साहा बोले — 'राज्य ने एक अपूरणीय पुलिस अधिकारी खोया'

सारांश

त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग का शव सोमवार को अगरतला पुलिस मुख्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सीएम माणिक साहा ने इसे 'अपूरणीय क्षति' बताया। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी ने मात्र दो महीने पहले डीजीपी का पदभार संभाला था। जाँच जारी है।

मुख्य बातें

डीजीपी अनुराग का शव 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला।
प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण फांसी लगना बताया गया है।
सीएम माणिक साहा ने निधन को सरकार और पुलिस विभाग के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया।
त्रिपुरा सरकार ने 21 जुलाई को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया।
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग ने 17 मई 2025 को डीजीपी का पदभार संभाला था।
अंतिम संस्कार उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बरौत में बुधवार सुबह किया गया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार, 21 जुलाई को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने एक ईमानदार, दक्ष और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी को खो दिया है। अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि डीजीपी अनुराग की यह विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था शव

डीजीपी अनुराग का शव सोमवार, 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में उनके कार्यालय से जुड़े बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका पाया गया था। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण फांसी लगना बताया गया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि मामले में अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और कानून के अनुसार जाँच आगे बढ़ाई जाएगी।

मुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि और बयान

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा, 'जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी। उनके असामयिक निधन से राज्य ने एक ईमानदार, कुशल, कर्तव्यनिष्ठ और जनसेवा के प्रति समर्पित पुलिस अधिकारी को खो दिया है।' उन्होंने इस निधन को सरकार और पुलिस विभाग के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया।

साहा ने यह भी बताया कि 18 जुलाई को त्रिपुरा पुलिस की पासिंग आउट परेड के दौरान उनकी अनुराग से मुलाकात हुई थी और उस समय वह पूरी तरह प्रसन्न और सामान्य दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा, 'जब तक अनुराग थे, मुझे हमेशा भरोसा रहता था कि राज्य की कानून-व्यवस्था सुरक्षित हाथों में है।'

वरिष्ठ अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री माणिक साहा, कई मंत्री, मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा, गृह सचिव अभिषेक सिंह, कार्यवाहक डीजीपी जी.एस. राव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को अनुराग को श्रद्धांजलि अर्पित की। त्रिपुरा सरकार ने उनके सम्मान में मंगलवार, 21 जुलाई को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।

अंतिम संस्कार और पृष्ठभूमि

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद डीजीपी अनुराग का पार्थिव शरीर परिजनों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ ओडिशा और दिल्ली होते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बरौत स्थित उनके पैतृक स्थान के लिए रवाना किया गया, जहाँ बुधवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया जाना था। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग ने 17 मई 2025 को त्रिपुरा के डीजीपी का पदभार संभाला था और इससे पहले वह राज्य में डीजीपी (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे।

आगे क्या

अस्वाभाविक मौत के मामले में जाँच जारी है और कानून के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि सबसे बड़ी क्षति परिवार को हुई है। यह देखना होगा कि जाँच में कोई नई जानकारी सामने आती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जाँच की दिशा को और जटिल बनाता है। अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज होना प्रक्रियागत कदम है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं — पारदर्शी और स्वतंत्र जाँच ही परिवार और पुलिस बिरादरी के विश्वास को बनाए रख सकती है। राज्य का राजकीय शोक सम्मान का प्रतीक है, परंतु जवाबदेही की माँग उससे कहीं आगे जाती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग का निधन कैसे हुआ?
डीजीपी अनुराग का शव 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में उनके कार्यालय से जुड़े बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण फांसी लगना बताया गया है और अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई है।
डीजीपी अनुराग कौन थे और कब से पद पर थे?
अनुराग 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी थे, जिन्होंने 17 मई 2025 को त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाला था। इससे पहले वह राज्य में डीजीपी (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे।
सीएम माणिक साहा ने डीजीपी अनुराग के निधन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस निधन को सरकार और पुलिस विभाग के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया। उन्होंने कहा कि अनुराग ने अपने पूरे सेवा जीवन में ईमानदारी, पेशेवर दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया और उनकी जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी।
त्रिपुरा सरकार ने डीजीपी अनुराग के सम्मान में क्या कदम उठाए?
त्रिपुरा सरकार ने 21 जुलाई को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा, गृह सचिव अभिषेक सिंह और कार्यवाहक डीजीपी जी.एस. राव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
डीजीपी अनुराग का अंतिम संस्कार कहाँ किया गया?
उनका पार्थिव शरीर ओडिशा और दिल्ली होते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बरौत स्थित उनके पैतृक स्थान के लिए रवाना किया गया, जहाँ बुधवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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