त्रिपुरा के पूर्व डीजीपी अनुराग की रहस्यमय मौत: जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने 24 जुलाई 2026 को पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराग की रहस्यमय मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया। 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में उनके आधिकारिक कक्ष से सटे शौचालय में रहस्यमय परिस्थितियों में उनका शव मिला था। यह मामला राज्य की राजनीति और पुलिस प्रशासन दोनों में गहरी हलचल पैदा कर चुका है।
जांच टीम का गठन
डीजीपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पुलिस अधीक्षक (पश्चिम त्रिपुरा) नमित पाठक जांच टीम के प्रमुख होंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहरी) पश्चिम त्रिपुरा, ध्रुबा नाथ और सब-इंस्पेक्टर सुभोजित देब — जो वर्तमान में 'अप्राकृतिक मौत' मामले की जांच कर रहे हैं — टीम के अन्य दो सदस्य हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर एसपी (पश्चिम) त्रिपुरा पुलिस अपराध शाखा या किसी अन्य उपयुक्त इकाई के अधिकारी को टीम में सह-विकल्पित किया जा सकता है। तकनीकी सहायता के लिए साइबर अपराध इकाई की मदद ली जा सकती है।
जांच की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्टें त्रिपुरा के पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) को प्रस्तुत की जाएंगी, ताकि उपमुख्यमंत्री उनका अवलोकन कर सकें।
अनुराग का करियर और अंतिम संस्कार
1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अनुराग ने 17 मई 2025 को त्रिपुरा के डीजीपी के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी अमिताभ रंजन का स्थान लिया था। इससे पहले वे त्रिपुरा में पुलिस महानिदेशक (खुफिया) के पद पर कार्यरत थे।
22 जुलाई को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के उनके पैतृक नगर बड़ौत में राजकीय सम्मान सहित उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र अभिषेक ने दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग पर बावली चुंगी के पास श्मशान घाट में परिवार के सदस्यों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सैकड़ों शोक संतप्त लोगों की उपस्थिति में चिता को अग्नि दी। अंतिम संस्कार से पूर्व उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया।
21 जुलाई को अगरतला में त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री माणिक साहा, कई राज्य मंत्री, मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा, गृह सचिव अभिषेक सिंह, कार्यवाहक डीजीपी जीएस राव और अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने अनुराग को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
विपक्ष की माँग: न्यायिक जांच
विपक्षी सीपीआई (एम), सीपीआई, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और कई अन्य राजनीतिक दलों ने त्रिपुरा उच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक जांच की माँग की है। इन दलों का कहना है कि राज्य के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों का स्वतंत्र रूप से पता लगाया जाना चाहिए। वामपंथी दलों और कांग्रेस ने इससे पहले अलग-अलग विरोध रैलियाँ भी आयोजित की थीं।
आगे क्या होगा
गठित जांच टीम साप्ताहिक आधार पर अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। विपक्ष की न्यायिक जांच की माँग और सरकार द्वारा गठित पुलिस जांच टीम के बीच का तनाव आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है। यह मामला राज्य में पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता को लेकर एक बड़े सवाल के रूप में उभर रहा है।