प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में वृद्धि, केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय
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नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवासी श्रमिकों को सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने राज्यों में प्रवासी श्रमिकों के लिए उपलब्ध 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की रोज़ाना आपूर्ति को दोगुना करने का ऐलान किया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह बढ़ी हुई आपूर्ति प्रवासी मजदूरों को पहले दी जा रही सप्लाई के आधार पर होगी। इसका मतलब है कि जहां पहले जितनी मांग और सप्लाई थी, उसी के अनुसार अब इसे बढ़ाकर उपलब्ध कराया जाएगा।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह नई व्यवस्था मार्च में निर्धारित 20 प्रतिशत की सीमा से कहीं अधिक है। इसका मतलब है कि अब प्रवासी मजदूरों को पहले से अधिक सिलेंडर प्राप्त होंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त 5 किलो के एफटीएल सिलेंडर राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इनका वितरण केवल प्रवासी मजदूरों के लिए होगा और इसमें ऑयल मार्केटिंग कंपनियां सहायता प्रदान करेंगी।
इससे पहले, सरकार ने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के चलते पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों से अनुरोध किया गया था कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
उपभोक्ताओं को एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार ने घरेलू एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है, खासकर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों के लिए।
इसके अतिरिक्त, रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने और शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन तक करने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। मांग को कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सरकार के अनुसार, प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आई है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए हैं। ऑनलाइन बुकिंग 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन सिस्टम के जरिए वितरण में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे गड़बड़ियों पर नियंत्रण पाया जा सके।