दिल्ली सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता दोगुनी की, विशेष अभियान की शुरुआत
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को दोगुना किया है।
- प्रवासी श्रमिकों को सस्ता और सुगम ईंधन उपलब्ध होगा।
- विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
- सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी श्रमिक महंगे ईंधन पर निर्भर न रहे।
- यह कदम प्रवासी श्रमिक कल्याण नीति का हिस्सा है।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को सस्ता और सुगम एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार द्वारा दिए गए नए आवंटन के अनुसार, दिल्ली में 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की दैनिक उपलब्धता को दोगुना कर दिया गया है। अब प्रतिदिन 684 के बजाय 1,368 सिलेंडर उपलब्ध होंगे।
भारत सरकार ने 'प्रवासी श्रमिक' श्रेणी के अंतर्गत 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों के आवंटन में 100 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी थी। इसी के अनुरूप, दिल्ली सरकार ने 7 अप्रैल को जारी एक आदेश में इस बढ़े हुए कोटे को लागू किया है। इस निर्णय से दिल्ली में रहने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों को खाना पकाने के ईंधन की उपलब्धता सरल हो जाएगी।
सरकार ने इस बढ़े हुए आवंटन के प्रभावी वितरण को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष आउटरीच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। सभी जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवासी मजदूरों की अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित करें। जिन श्रमिकों को सिलेंडर प्राप्त करने में कोई कठिनाई हो रही है, वे अपने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं और अपने क्षेत्र में शिविर लगाने का अनुरोध कर सकते हैं।
ये विशेष शिविर तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के अधिकृत एलपीजी वितरकों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। योग्य प्रवासी श्रमिक आधार कार्ड जमा करके और भुगतान कर 5 किलोग्राम का एफटीएल सिलेंडर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। जिला प्रवर्तन टीमें मांग का आकलन करने और पूरे वितरण प्रक्रिया की निगरानी करने का कार्य करेंगी, ताकि व्यवस्था पारदर्शी और कुशल बनी रहे।
सरकार का लक्ष्य है कि इस पहल के माध्यम से 'लास्ट-माइल डिलीवरी' को मजबूत किया जाए। इसका मतलब है कि सिलेंडर श्रमिकों तक अंतिम छोर तक आसानी से पहुंच सके। दिल्ली में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अक्सर एलपीजी सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण समस्याओं का सामना करते हैं। इस नई व्यवस्था से उनकी समस्याएं काफी हद तक हल होने की उम्मीद है।
यह कदम दिल्ली सरकार की प्रवासी श्रमिक कल्याण नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी श्रमिक खाना पकाने के लिए महंगे या अवैध ईंधन पर निर्भर न रहे। विशेष शिविरों के माध्यम से जागरूकता भी फैलाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक योग्य श्रमिक इस योजना का लाभ उठा सकें।
दिल्ली सरकार ने सभी संबंधित विभागों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।