गुजरात कैबिनेट में योगेश पटेल को श्रद्धांजलि, सीएम भूपेंद्र पटेल समेत मंत्रियों ने रखा दो मिनट का मौन
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में 3 जून को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक, पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता योगेश पटेल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। बैठक की शुरुआत में शोक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैबिनेट में पेश हुआ शोक प्रस्ताव
राज्य कैबिनेट की बैठक का आरंभ श्रद्धांजलि से हुआ। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन धारण किया और शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। ‘योगेश काका’ के नाम से लोकप्रिय रहे इस वरिष्ठ नेता का निधन गुजरात भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
आठ बार के विधायक, वडोदरा की राजनीति का चेहरा
प्रवक्ता मंत्री जीतू वघानी ने स्वर्गीय नेता के राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि योगेश पटेल लगातार आठ बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए — पहले रावपुरा और बाद में मंजलपुर निर्वाचन क्षेत्र से। वघानी के अनुसार, “वडोदरा के मतदाताओं ने दशकों तक उन पर अटूट विश्वास जताया” और वे एक ऐसे नेता थे जिन्हें चुनावी मैदान में पराजित करना लगभग असंभव माना जाता था।
सादगी और जनसेवा की पहचान
मंत्री वघानी ने कहा कि मंत्री पद पर रहते हुए भी योगेश पटेल की सादगी और आम लोगों के लिए सहज उपलब्धता बेमिसाल रही। भगवान शिव के अनन्य उपासक रहे योगेश पटेल को वडोदरा को ‘शिवनगरी’ की सांस्कृतिक पहचान दिलाने का श्रेय दिया जाता है। वे शिवाजी तीर्थ यात्रा के आयोजन से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
वडोदरा के विकास में योगदान
वडोदरा शहर के बुनियादी ढाँचे — विशेष रूप से पेयजल, सड़क और ड्रेनेज जैसी समस्याओं के समाधान — में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। वघानी ने कहा कि ‘योगेश काका’ जैसे जनसेवक का जाना न केवल भाजपा बल्कि पूरे गुजरात के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। गौरतलब है कि वडोदरा की सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से उनका जुड़ाव दशकों पुराना रहा है।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
मंजलपुर सीट पर अब उपचुनाव की संभावना है, जिसकी आधिकारिक घोषणा चुनाव आयोग द्वारा यथासमय की जाएगी। भाजपा के लिए वडोदरा की राजनीति में यह रिक्ति एक नए चेहरे की तलाश का दौर शुरू कर सकती है।