3 अगस्त 2026
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मांजलपुर उपचुनाव: भाजपा के सतीश पटेल ने 30,630 वोटों से जीत दर्ज की, वडोदरा में पार्टी का दबदबा बरकरार

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मांजलपुर उपचुनाव: भाजपा के सतीश पटेल ने 30,630 वोटों से जीत दर्ज की, वडोदरा में पार्टी का दबदबा बरकरार

सारांश

गुजरात के वडोदरा में मांजलपुर उपचुनाव में भाजपा के सतीश पटेल ने 30,630 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। दिवंगत विधायक योगेश पटेल की सीट पर भाजपा ने कब्जा बनाए रखा, लेकिन मतदान प्रतिशत 60% से गिरकर 37.50% पर आ गया।

मुख्य बातें

सतीश पटेल (भाजपा) ने मांजलपुर उपचुनाव में 55,481 वोट पाकर 30,630 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
कांग्रेस प्रत्याशी भीखा रबारी को 24,851 वोट मिले।
उपचुनाव वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण हुआ, जो 2008 से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और आठ बार विधायक बने थे।
मतदान 30 जुलाई को हुआ; मतदान प्रतिशत 37.50% रहा, जो 2022 के 60.15% से काफी कम है।
निर्वाचन क्षेत्र में 2,19,000 से अधिक पंजीकृत मतदाता और 260 मतदान केंद्र थे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सतीश पटेल ने 3 अगस्त 2026 को मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में 30,630 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने 55,481 मत प्राप्त किए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी भीखा रबारी को 24,851 वोट मिले। इस जीत के साथ भाजपा ने वडोदरा की इस सीट पर अपना परंपरागत वर्चस्व बनाए रखा।

मतगणना का क्रम

मतगणना सोमवार सुबह मकरपुरा स्थित भारतीय विद्या भवन में शुरू हुई। प्रारंभिक राउंड से ही सतीश पटेल आगे चल रहे थे — सुबह 9 बजे तक उनकी बढ़त 3,519 वोट थी, जो 11वें राउंड तक बढ़कर 19,368 वोट हो गई। 20 राउंड की गिनती पूरी होने पर अंतिम अंतर 30,630 मत रहा।

उपचुनाव क्यों हुआ

यह उपचुनाव वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं राज्य के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के बाद आवश्यक हुआ था। मांजलपुर सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी और तब से योगेश पटेल इसका प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इससे पूर्व वे रावओपुरा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार पाँच बार विजयी रहे थे और तीन दशक से अधिक के राजनीतिक जीवन में आठ बार विधायक बने थे।

सतीश पटेल की पृष्ठभूमि

सतीश पटेल की उम्मीदवारी उस समय चर्चा में आई जब भाजपा ने अचानक उन्हें इस सीट के लिए चुना। वे वडोदरा नगर निगम में पार्षद, नागरिक निकाय की स्थायी समिति के अध्यक्ष और वडोदरा जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। सहकारी क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है — वे छानी नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष तथा बड़ौदा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक और वडोदरा शुगर कोऑपरेटिव के निदेशक पद पर रहे हैं।

विपक्षी उम्मीदवार और मतदान

कांग्रेस प्रत्याशी भीखा रबारी गुजरात कांग्रेस के उपाध्यक्ष और माधवसिंह सोलंकी सरकार में पूर्व मंत्री हैं। मतदान 30 जुलाई को हुआ था और एक मतदान केंद्र के बाहर भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मामूली कहासुनी को छोड़कर पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। निर्वाचन क्षेत्र में 2,19,000 से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से केवल 37.50% ने मतदान किया, जो 2022 के विधानसभा चुनाव के 60.15% मतदान की तुलना में काफी कम है।

आगे की राह

चुनाव आयोग ने 260 मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की थी। इस जीत के साथ सतीश पटेल ने गुजरात विधानसभा में मांजलपुर के नए प्रतिनिधि के रूप में दिवंगत योगेश पटेल की विरासत संभाली है। कम मतदान प्रतिशत पार्टियों के लिए एक संकेत है कि शहरी मतदाताओं को उपचुनावों में मतदान केंद्र तक लाना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

630 वोटों का यह अंतर भाजपा के लिए संख्या में तो प्रभावशाली है, लेकिन असली कहानी मतदान प्रतिशत में छिपी है — 60.15% से गिरकर 37.50% पर आना दर्शाता है कि शहरी मतदाता उपचुनावों में उदासीन रहते हैं। यह उदासीनता भाजपा के लिए भी उतनी ही चिंता का विषय होनी चाहिए जितनी कांग्रेस के लिए, क्योंकि कम मतदान में बड़ी जीत हमेशा वास्तविक जनसमर्थन का प्रतिबिंब नहीं होती। योगेश पटेल जैसे आठ बार के विधायक की विरासत को संभालना सतीश पटेल के लिए जीत से बड़ी परीक्षा होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मांजलपुर उपचुनाव 2026 का परिणाम क्या रहा?
भाजपा के सतीश पटेल ने 55,481 वोट पाकर कांग्रेस के भीखा रबारी को 30,630 मतों के अंतर से हराया। यह उपचुनाव 30 जुलाई 2026 को हुआ था और 3 अगस्त को नतीजे घोषित किए गए।
मांजलपुर में उपचुनाव क्यों कराया गया?
वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं गुजरात के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी। योगेश पटेल 2008 से मांजलपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और अपने राजनीतिक जीवन में आठ बार विधायक बने थे।
मांजलपुर में मतदान प्रतिशत इतना कम क्यों रहा?
इस उपचुनाव में मतदान प्रतिशत 37.50% रहा, जो 2022 के विधानसभा चुनाव के 60.15% से काफी कम है। शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनावों के दौरान मतदाताओं की उदासीनता एक सामान्य प्रवृत्ति रही है।
भीखा रबारी कौन हैं और उन्होंने इस चुनाव में कितने वोट पाए?
भीखा रबारी गुजरात कांग्रेस के उपाध्यक्ष और माधवसिंह सोलंकी सरकार में पूर्व मंत्री हैं। इस उपचुनाव में उन्हें 24,851 वोट मिले और वे 30,630 मतों के अंतर से पराजित हुए।
राष्ट्र प्रेस
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