13 जुलाई 2026
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मांजलपुर उपचुनाव 2025: कांग्रेस ने भीखा रबारी को उतारा, 30 जुलाई को BJP के सतीश पटेल से होगी टक्कर

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मांजलपुर उपचुनाव 2025: कांग्रेस ने भीखा रबारी को उतारा, 30 जुलाई को BJP के सतीश पटेल से होगी टक्कर

सारांश

कांग्रेस ने मांजलपुर उपचुनाव के लिए 79 वर्षीय अनुभवी नेता भीखा रबारी पर दांव लगाया है — चार दशकों के संगठनात्मक अनुभव और पूर्व मंत्री की पृष्ठभूमि के साथ। 30 जुलाई को BJP के गढ़ में सेंध लगाना कांग्रेस की असली परीक्षा होगी।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने 12 जुलाई को वरिष्ठ नेता भीखा रबारी को मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया।
30 जुलाई को होने वाले मतदान में रबारी का मुकाबला BJP के सतीश पटेल से होगा।
79 वर्षीय रबारी GPCC उपाध्यक्ष हैं और 1985-90 के दौरान विधायक व राज्य मंत्री रह चुके हैं।
उपचुनाव BJP के आठ बार के विधायक योगेश पटेल के 2 जून को निधन के कारण हुआ।
मांजलपुर सीट ऐतिहासिक रूप से BJP का गढ़ रही है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 12 जुलाई को वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री भीखा रबारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद यह ऐलान हुआ, और अब रबारी का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सतीश पटेल से होगा।

भीखा रबारी: चार दशकों का राजनीतिक अनुभव

79 वर्षीय भीखा रबारी वर्तमान में गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) के उपाध्यक्ष हैं और चार दशकों से अधिक समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार, वे 1985 से 1990 तक विधानसभा सदस्य रहे और 1988-89 के दौरान गुजरात के उद्योग, खान एवं ऊर्जा राज्य मंत्री के पद पर रहे।

महाराजा सयाजीराव बड़ौदा विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक रबारी, वडोदरा में दो बार नगर पार्षद रह चुके हैं और विश्वविद्यालय के पूर्व सीनेट सदस्य भी हैं। संगठनात्मक स्तर पर वे वडोदरा नगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, AICC प्रतिनिधि और GPCC उपाध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

उन्होंने दाहोद, पंचमहल, वडोदरा, छोटा उदयपुर, आनंद और खेड़ा सहित कई जिलों में कांग्रेस प्रभारी की भूमिका निभाई है। हाल ही में उन्हें मध्य गुजरात के आठ जिलों के लिए ओबीसी विभाग के संयोजक की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुरस्कार और सामाजिक योगदान

समाज के कमजोर वर्गों और सामाजिक कल्याणकारी पहलों में योगदान के लिए रबारी को इंडिया इंटरनेशनल फ्रेंडशिप सोसाइटी द्वारा 'भारत ज्योति पुरस्कार' से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, 2010 में गुजरात के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान स्टेट्स एक्स-विधायक काउंसिल ऑफ इंडिया ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार से नवाजा था।

BJP का दांव: सतीश पटेल

भाजपा ने गुजरात के सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अनुभवी नेता सतीश पटेल को उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के भीतर हुई पैरवी के बाद उनका चयन हुआ, और यह BJP का उस निर्वाचन क्षेत्र को बरकरार रखने का प्रयास है जो लंबे समय से उसका गढ़ रहा है।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि

मांजलपुर विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव BJP के आठ बार के विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के 2 जून को लंबी बीमारी के बाद निधन के कारण आवश्यक हो गया। यह सीट ऐतिहासिक रूप से BJP का मजबूत गढ़ रही है, जिससे कांग्रेस के लिए यह मुकाबला कड़ी चुनौती साबित होगा। गौरतलब है कि गुजरात में कांग्रेस लंबे समय से BJP के वर्चस्व को तोड़ने की कोशिश कर रही है, और रबारी जैसे अनुभवी चेहरे को उतारना इसी रणनीति का हिस्सा है। 30 जुलाई को मतदान के परिणाम न केवल इस सीट का, बल्कि गुजरात में कांग्रेस की पुनर्वापसी की संभावनाओं का भी संकेत देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह उपचुनाव महज BJP के वर्चस्व की पुनः पुष्टि बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मांजलपुर उपचुनाव क्यों हो रहा है?
मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव BJP के आठ बार के विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के 2 जून को लंबी बीमारी के बाद निधन के कारण आवश्यक हो गया। मतदान 30 जुलाई को निर्धारित है।
कांग्रेस ने मांजलपुर से किसे उम्मीदवार बनाया है?
कांग्रेस ने 79 वर्षीय वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री भीखा रबारी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनकी उम्मीदवारी को मंजूरी दी।
भीखा रबारी कौन हैं और उनका राजनीतिक अनुभव क्या है?
भीखा रबारी GPCC के उपाध्यक्ष हैं और चार दशकों से अधिक समय से कांग्रेस से जुड़े हैं। वे 1985-90 के दौरान विधायक और 1988-89 में गुजरात के उद्योग, खान एवं ऊर्जा राज्य मंत्री रह चुके हैं।
BJP ने मांजलपुर उपचुनाव के लिए किसे उतारा है?
BJP ने गुजरात के सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अनुभवी नेता सतीश पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के भीतर पैरवी के बाद उनका चयन हुआ।
मांजलपुर सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
मांजलपुर विधानसभा सीट ऐतिहासिक रूप से BJP का मजबूत गढ़ रही है, जहाँ योगेश पटेल आठ बार विधायक रहे। कांग्रेस के लिए इस सीट पर जीत एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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