मांजलपुर उपचुनाव 2026: 30 जुलाई को मतदान, गुजरात सरकार ने घोषित किया सार्वजनिक अवकाश
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने वडोदरा जिले के मांजलपुर विधानसभा क्षेत्र में 30 जुलाई 2026 को होने वाले उपचुनाव के मद्देनज़र उस दिन पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार यह अवकाश केवल मांजलपुर विधानसभा क्षेत्र की सीमाओं के भीतर लागू रहेगा, ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह उपचुनाव वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के 2 जून 2026 को लंबी बीमारी के कारण निधन के बाद आवश्यक हुआ। पटेल 2008 के परिसीमन के बाद से इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और अपने 36 वर्षीय विधायी जीवन में लगातार आठ विधानसभा चुनाव जीत चुके थे। उनका निधन क्षेत्र में एक राजनीतिक रिक्तता छोड़ गया जिसे भरने के लिए चुनाव आयोग ने त्वरित कार्रवाई की।
मुख्य उम्मीदवार और मुकाबला
नामांकन प्रक्रिया में सात उम्मीदवारों द्वारा 15 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुकाबला सीधे तौर पर दो राष्ट्रीय दलों — BJP और कांग्रेस (INC) — के बीच सिमट गया है।
BJP ने सतीश पटेल (जिन्हें कुछ आधिकारिक अभिलेखों में सत्येंद्र पटेल के नाम से भी जाना जाता है) को अपना उम्मीदवार बनाया है। वे वडोदरा नगर निगम की स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष और BJP के पूर्व जिला अध्यक्ष हैं।
वहीं, कांग्रेस ने भीखा रबारी को मैदान में उतारा है, जो पार्टी की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस गुजरात में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है।
मतदान और मतगणना का कार्यक्रम
चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार मतदान 30 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। मतगणना 3 अगस्त को निर्धारित है और पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 तक सम्पन्न हो जाने की उम्मीद है।
आदर्श आचार संहिता और अन्य प्रावधान
मतदान क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता पूरी चुनाव अवधि के दौरान प्रभावी रहेगी। इसके अतिरिक्त, सवैतनिक अवकाश और शुष्क दिवस से संबंधित वैधानिक प्रावधान भी मतदान के दिन लागू रहेंगे। गौरतलब है कि मांजलपुर सीट BJP का परंपरागत गढ़ रही है, जहाँ योगेश पटेल ने लगातार आठ बार जीत दर्ज की थी — यह सीट बनाए रखना BJP के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है।